दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां जैसे प्रतिष्ठानों का ऑडिट शुरू कर दिया है। इन ऑडिट में यदि किसी जगह आग से बचाव के उपायों में कमी पाई गई और फायर एनओसी नहीं पाई गई या उसका रिन्यूअल नहीं पाया गया तो एमसीडी सख्त ऐक्शन लेते हुए उनका ट्रेड लाइसेंस रद कर देगा। इसके साथ ही बिना लाइसेंस या अवैध रूप से चलने वाले प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
एमसीडी प्रशासन ने सभी जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस (हेल्थ ट्रेड लाइसेंस) रद करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एमसीडी ने खानपान के प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा मानकों को लेकर निरीक्षण और ऑडिट प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे लेकर सभी खानपान प्रतिष्ठानों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों व अन्यों पर आग की रोकथाम से जुड़े सुरक्षा मानकों, नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
इसमें गेस्ट हाउस, होटल, रेस्तरां व अन्यों जैसे खानपान के प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन करने पर कार्रवाई कर लाइसेंस रद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आग से जुड़े उपकरण में कमी पाए जाने पर, फायर एनओसी न होने, फायर एनओसी के नवीनीकरण न होने, स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस न होने, स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस के नवीनीकरण न होने जैसे नियमों को लेकर कार्रवाई होगी।
इस संबंध में निगम अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों की पहचान की जा रही है। इसमें ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) के तहत संचालित प्रतिष्ठान, गेस्ट हाउस, होटल, रेस्तरां जैसे प्रतिष्ठानों की निगरानी कर रहे हैं। इनमें से जो भी अवैध निर्माण, लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन करने और अवैध तरीके से नियमों के खिलाफ जाकर इन्हें संचालित करता हुआ पाया गया। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर एमसीडी प्रशासन ने दक्षिण के जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) को शोकॉज नोटिस जारी किया। इस संबंध में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हमें संबंधित अधिकारी का जवाब मिल गया है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। यह दुखद घटना व्यवस्थागत समस्याओं की गहराई को दर्शाती है। अभी कार्रवाई की जानी बाकी है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस (एचटीएल) जारी करने और प्रबंधन के लिए प्राथमिक सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकारी हैं। वे जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भोजनालयों, गेस्ट हाउसों और भंडारण सुविधाओं जैसे व्यवसायों को विनियमित करते हैं।
डीएचओ का कार्यालय स्वास्थ्य और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए अपलोड किए गए दस्तावेजों (जैसे लेआउट प्लान और एफएसएसएआई लाइसेंस) का मूल्यांकन करता है। डीएचओ या अधिकृत स्वास्थ्य निरीक्षक लाइसेंस अवधि से पहले या उसके दौरान व्यावसायिक परिसरों का दौरा करके स्वच्छता, अपशिष्ट निपटान और उचित वेंटिलेशन की जांच करते हैं।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।
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