लखनऊ में आयोजित जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन से सियासी पारा चढ़ा दिया है। रामकथा के जरिए उन्होंने रामायण के पात्रों का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर ‘लैंड जिहाद’ और ‘राष्ट्र विरोधी’ होने के गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने महाभारत के शकुनी-दुर्योधन का जिक्र कर राजनीति के ‘चाचा-मामा’ पर भी निशाना साधा। वहीं, रामभद्राचार्य ने राम मंदिर दर्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। क्या ये बयान 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे? देखिए यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। लखनऊ में आयोजित जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन से सियासी पारा चढ़ा दिया है। रामकथा के जरिए उन्होंने रामायण के पात्रों का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर ‘लैंड जिहाद’ और ‘राष्ट्र विरोधी’ होने के गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने महाभारत के शकुनी-दुर्योधन का जिक्र कर राजनीति के ‘चाचा-मामा’ पर भी निशाना साधा। वहीं, रामभद्राचार्य ने राम मंदिर दर्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। क्या ये बयान 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे? देखिए यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
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