सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) रानीडांगा सेक्टर के उप महा निरीक्षक (डीआईजी) संजय कुमार सारंगी ने गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित विभिन्न चौकियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दिघलबैंक कंपनी मुख्यालय में ग्रामीणों के साथ एक समन्वय बैठक की।
बैठक में 12वीं वाहिनी एसएसबी किशनगंज के कमांडेंट स्वर्णजीत शर्मा और बी कंपनी दिघलबैंक के कमांडर मनोज कुमार उपस्थित रहे। दिघलबैंक पंचायत के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी इसमें भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों और सशस्त्र सीमा बल के बीच आपसी समन्वय, विश्वास और सहयोग को मजबूत करना था।
डीआईजी सारंगी ने सीमा सुरक्षा में स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और सहयोग की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों को सीमा की संवेदनशीलता के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या वस्तु की सूचना तत्काल एसएसबी को देने का आग्रह किया।
बैठक में आपसी संवाद और विश्वास बनाए रखने के लिए नियमित समन्वय बैठकों पर बल दिया गया। ग्रामीणों को उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही, उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने, युवाओं को रोजगार दिलाने और अर्धसैनिक बल व अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रेरित किया गया। समाज में फैल रहे नशा, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव/पशु तस्करी और अवैध घुसपैठ की रोकथाम में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।
ग्रामीणों ने नेपाल के साथ “रोटी-बेटी” के रिश्तों को बेहतर बनाए रखने के लिए खुली सीमा पर आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने शादी-विवाह के दौरान दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी को सीमा पार जाने की अनुमति और आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए मरीजों को ले जाने हेतु एम्बुलेंस या निजी वाहन को दिघलबैंक चेक पोस्ट से होकर जाने की अनुमति देने की मांग रखी।
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