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Eating yogurt at night side effects: रात के समय दही (Curd) खाना चाहिए या नहीं, यह एक ऐसा सवाल है जो लगभग हर भारतीय घर में बहस का मुद्दा बनता है. एक तरफ जहां हमारी दादी-नानी रात में दही खाने से मना करती हैं, वहीं सोशल मीडिया पर हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स इसे गट हेल्थ के लिए बेहतरीन बताते हैं. इस कंफ्यूजन को दूर करने के लिए गुरुग्राम के सीके बिड़ला हॉस्पिटल में रोबोटिक जीआई और बेरिएट्रिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अंशुमन कौशल ने सही सलाह दी है. उनके मुताबिक, रात में दही खाने का फैसला हर इंसान की बॉडी, टाइमिंग और दही के टाइप पर निर्भर करता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
डॉ. अंशुमन कौशल के अनुसार, यह सोचना गलत है कि रात में दही खाने से सबको खांसी या जुकाम हो जाएगा. हर किसी की टॉलरेंस (सहनशक्ति) अलग होती है. हेल्थलाइन का कहना है, दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं, लेकिन जिन लोगों को लैक्टोज इनटोलरेंस है, उन्हें रात में डेयरी प्रोडक्ट्स से ब्लोटिंग या गैस की समस्या हो सकती है. वहीं, रात में हैवी डिनर के तुरंत बाद या सोने से ठीक पहले दही खाने से डाइजेशन पर बुरा असर पड़ सकता है क्योंकि शरीर का मेटाबॉलिज्म रात में धीमा हो जाता है.
दही खाने के बाद लेटना गलत
गुरुग्राम के नारायणा अस्पताल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुकृत सिंह सेठी का कहना है कि दही की कंसिस्टेंसी अपने-आप में काफी गाढ़ा होती है. जब कोई दही खाने के बाद लेट जाता है तो उसका डाइजेशन धीमा हो जाता है. इसका कारण है कि जब इंसान लेट जाता है तो एसिड रिफ्लक्स या सीने में भारीपन महसूस होता है.
ऐसे में दही शरीर को ठंडा करने के बजाय अपचित रह जाता है और यह आंत में पड़ा रहता है, किण्वन करता है और गैस पैदा करता है. इस प्रोसेस से पेट फूलने और रात को नींद न आने की समस्या होती है.
इन 3 जरूरी बातों का रखें ध्यान:
इसलिए अगली बार जब भी कोई रात में दही खाने पर अपनी राय दे तो अपनी बॉडी और टाइमिंग को समझकर ही सही ऑप्शंस चुनें.
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