सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश के अलग-अलग उच्च न्यायालयों में ट्रांसजेंडर (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने केंद्र की ओर से दाखिल याचिका पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है। याचिका में उच्च न्यायालयों में लंबित उन सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने इसके साथ ही, इस कानून को उच्च न्यायालयों में चुनौती देने वाले सभी याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी कर अपना-अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि अगले आदेश तक उच्च न्यायालयों में लंबित सभी याचिकाओं की कार्यवाही पर रोक रहेगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह या तो सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दे सकते हैं या उन्हें एक साथ जोड़कर फैसले के लिए किसी एक विशेष हाईकोर्ट को सौंप सकती है। केंद्र सरकार ने राजस्थान, कर्नाटक, केरल और दिल्ली उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को स्थानांतरित करने की मांग की है। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि यदि मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित किया जाता है तो उनकी सुनवाई तीन जजों की पीठ को करनी चाहिए।
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