भारत में मेडिकल महंगाई 15% की रफ्तार से बढ़ रही, 3-5 लाख का हेल्थ कवर नाकाफी : विशेषज्ञ – Dainik Bhaskar

भारत में मेडिकल महंगाई करीब 15 फीसदी तक पहुंच चुकी है, जो सामान्य महंगाई अधिक है। वही, बड़े शहरों में गंभीर बीमारी या बड़ी सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर लाखों रुपए का खर्च आ सकता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में परिवार आज भी 3 लाख से 5 लाख र
इसके मद्देनजर बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के एमडी डॉ. तपन सिंघल का कहना है कि बीमा का उद्देश्य पॉलिसी खरीदना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसलिए नियमित अंतराल पर बीमा कवर की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग यह मानकर निश्चिंत हो जाते हैं कि उनके पास बीमा है, जबकि क्लेम के समय उन्हें पता चलता है कि उनका कवर वास्तविक खर्चों के मुकाबले काफी कम है। हेल्थ इंश्योरेंस में सबसे बड़ी समस्या अंडर-इंश्योरेंस की है। मेडिकल महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन लोग वर्षों तक अपनी बीमा राशि को अपडेट नहीं करते।
ऐसे में गंभीर बीमारी, सर्जरी या लंबी चिकित्सा के दौरान उन्हें अपनी बचत खर्च करनी पड़ सकती है। इसके मद्देनजर हर दो से तीन वर्ष में हेल्थ कवर की समीक्षा करनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि वह मौजूदा इलाज लागत के अनुरूप है या नहीं। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा दिए गए ग्रुप हेल्थ कवर पर निर्भर रहना भी उचित नहीं है, क्योंकि नौकरी बदलने या सेवानिवृत्ति के बाद यह सुविधा समाप्त हो सकती है। कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए क्रिटिकल इलनेस कवर भी आवश्यक होता जा रहा है।
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