07 लाख रुपये लगाकर खड़ा किया 3.30 करोड़ की संपत्ति – Live Hindustan

संतकबीरनगर, शोभित कुमार पांडेय। शेयर मार्केट के नाम पर करोड़ों की जालसाजी करने वाले गैंग के करतूतों की पोल परत-दर परत खुलने लगी है। गैंग सरगना के एक सहयोगी ने सिर्फ 07 लाख रुपये लगाकर फरेब के जरिए 3.30 करोड़ की संपत्ति खड़ी कर ली है। वहीं दूसरा सहयोगी अपराध से कमाए पैसे से खुद के नाम खरीदी जमीन को स्थानांतरण करने में सफल हो गया है। इसकी जानकारी होने पर पुलिस उसे कुर्क कराने की प्रक्रिया में जुटी है。
विवेचक एसआई ललितकांत यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी कुशीनगर के हाटा क्षेत्र के मुंडेरा उपाध्याय का रहने वाला धनन्जय शुक्ला और उसका पार्टनर छत्तीसगढ़ के विलासपुर की रहने वाली आरोपी रजनी प्रजापति 05 साल पहले गोरखपुर के सहजनवा में आए और स्कूलों व फर्मों में घूम-घूम कर साफ्टवेयर बनाने का काम शुरू किए। फिर ट्रेडिंग टीवीएस सलूशन कंपनी और बेवसाइट बनाए, जो पार्टनरशिप में जीएसटी रिटर्न का पंजीकरण कराएं। उस ट्रेडिंग में एआईआईपीएल ऐप से जोड़ दिए। फिर धीरे-धीरे ट्रेडिंग करने के लिए कुछ लोगों को तैयार किया। एआईआईपीएल के माध्यम से वर्चुअल वॉलेट बनाकर 400 से अधिक लोगों से करीब 25 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। जांच में पता चला है कि एस्क्रो अकाउंट के माध्यम से सरगना धनन्जय शुक्ला के सहयोगियों के खाते में भी करीब डेढ़ करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। गैंग सरगना के आरोपी बनाए गए 04 सहयोगियों के 14 खाते मिले है। जिसमें मुख्य खाता एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में है। जिसमें एस्क्रो अकाउंट से प्रतिदिन पैसे आते थे। कुल 05 एस्क्रो अकाउंट अलग-अलग बैकों में खोले गए हैं। पैसे भेजने वाले के बारे में जांच हो रही है। अनुमान है कि उक्त पैसे धनन्जय शुक्ला के जरिए ही एस्क्रो अकाउंट में सुरक्षित जमा किया जाता था तथा सहयोगियों द्वारा लोगों के जोड़ने पर कमीशन के रूप में उन्हें पैसा दिया जाता था। खाते में सीधे भी टीवीएस सॉल्यूशन द्वारा पैसा भेजा गया है। गैंग सरगना के एक सहयोगी ने मात्र 07 लाख रुपये लगाकर 3:30 करोड़ की संपत्ति बना ली है। संपत्तियों का विवरण विभिन्न उपनिबंधक कार्यालय से प्राप्त कर लिया गया है। अन्य संपत्तियों की व खातों की जांच की जा रही है। धनन्जय शुक्ला व रजनी प्रजापति की लखनऊ में स्थित मकान की कुर्की से संबंधित फैसला कोर्ट ने सुरक्षित है। चारों सहयोगियों के एसक्रो अकाउंट से आए पैसों व अन्य खातों के संबंध में जानकारी व अभियुक्त द्वारा अपने लैपटॉप में कोडिंग करके रखे अभिलेखी साक्ष्यों को खुलवाने के लिए उसे पीसीआर पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया गया है।
एस्क्रो अकाउंट के माध्यम से पैसे का लेन-देन होने की बात सामने आई है। प्रकरण की गहनता से जांच हो रही है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस 107 बीएनएस के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क कराकर पीड़ितों को दिलाएगी।
संदीप कुमार मीना, एसपी
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