राजधानी दिल्ली में रविवार को दिनभर लोगों को गर्मी और उमस का एहसास हुआ। अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए गए। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। उसके बाद इसमें बढोतरी दर्ज की जाएगी। रविवार को लोगों को दिन में गर्म हवा चलने से भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक था। राजधानी के रिज इलाके में सबसे अधिक 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक न होने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि उसके बाद अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। सोमवार को अधिकतर स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवा भी चल सकती है जिसकी रफ्तार 40 से 60 किलो मीटर प्रति घंटा भी हो सकती है।
गाजियाबाद में रविवार को न्यूनतम तापमान इस जून में पहली बार 30 के पार चला गया। अधिकांश समय हल्के बादल छाए रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं अधिकतम तापमान और वायु गुणवत्ता सूचकांक लगभग स्थिर रहा। आईएमडी का पूर्वानुमान था कि रविवार को बूंदाबांदी हो सकती है। सुबह से ही हल्के बादल छाए हुए थे। मगर एक बूंद तक नहीं पड़ी। बारिश नहीं होने से न्यूनतम तापमान बढ़कर 30.1 डिग्री पहुंच गया। यह जून का सर्वाधिक है और इस माह पहली बार न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के पार गया है। इससे पहले आठ जून को यह 30 डिग्री सेल्सियस था। वहीं एक्यूआई 161 रहा, जिसमें शनिवार के मुकाबले थोड़ा सा सुधार हुआ है।
नोएडा में रविवार को गर्मी से लोग दिनभर बेहाल रहे। हवा चलने के बाद भी उमस ने उन्हें परेशान किया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा का अधिकतम तापमान रविवार को 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक दोनों शहरों का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि, जेवर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में दिनभर खिली धूप निकलेगी, जिससे दिन काफी गर्म रहेगा। उमस के कारण भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 200 से कम रहा।
गुरुग्राम में रविवार को सुबह की शुरुआत हल्की बूंदाबांदी के साथ हुई, इसके बावजूद उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली। सुबह करीब छह बजे शहर के कई हिस्सों में लगभग दस मिनट तक हल्की फुहारें पड़ीं। दोपहर 12 बजे तक आसमान में घने बादल छाए रहे। जैसे ही बादल छंटे, तेज धूप और चिपचिपी उमस ने एक बार फिर शहरवासियों को बेहाल कर दिया। शाम छह बजे के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और आसमान में काले बादल छा गए। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के ‘डीडी न्यूज’ से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
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