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इजरायल-हमास के बीच एक साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को विराम देने के लिए किए गए युद्ध विराम समझौते ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को याद दिला दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर 20 जनवरी को उनके कार्यभार संभालने तक गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायली बंधकों को आजाद नहीं किया गया तो मिडिल ईस्ट में ‘भारी कीमत चुकानी पड़ेगी’.
हालांकि ट्रंप ने इससे ज्यादा तो कुछ नहीं कहा लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उनका अल्टीमेटम न केवल हमास के नेताओं के लिए चेतावनी था, बल्कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी दबाव बनाने के लिए था. इजरायल और हमास ने बुधवार को युद्ध विराम समझौते और इजरायली बंधकों को फिलिस्तीनी कैदियों के साथ बदलने पर सहमति जताई. अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से यह दूसरा युद्ध विराम समझौता है- पिछला समझौता बमुश्किल एक हफ्ते तक चला था.
ट्रंप ने गोल्फ पार्टनर स्टीव विटकॉफ को चुना
एक हफ्ते पहले ट्रंप ने अपने गोल्फ पार्टनर स्टीव विटकॉफ को मिडिल ईस्ट के लिए रवाना होने और जल्द से जल्द समझौता कराने के लिए चुना था, जिनके पास कोई पूर्व राजनयिक अनुभव नहीं था. The Guardian की रिपोर्ट के अनुसार, विटकॉफ को इजरायली प्रधानमंत्री को भी इस मामले की जानकारी देने के लिए कहा गया था. विटकॉफ ने कहा कि इजरायली अधिकारी पिछले शुक्रवार को दोहा में ‘शबात’ के दौरान उनसे मिले थे.
‘तनावपूर्ण’ थी दोहा की बैठक
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध विराम समझौते के बारे में चर्चा करने के लिए हुई बैठक ‘तनावपूर्ण’ थी, जहां विटकॉफ ने इजरायली अधिकारियों को ‘सख्ती से’ बताया कि ट्रंप चाहते हैं कि उनके शपथ ग्रहण से पहले समझौता पूरा हो जाए. Axios ने एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के हवाले से कहा, ‘विटकॉफ वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और ट्रंप की ओर से दबाव बना रहे हैं.’
नेतन्याहू ने दोहा भेजे अपने अधिकारी
विटकॉफ की नेगोशिएशन स्किल्स और समझौते पर आगे बढ़ने की उनकी अपील के कारण नेतन्याहू ने कथित तौर पर अपने शीर्ष अधिकारियों को, जिनमें मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और शिन बेट प्रमुख रोनेन बार शामिल थे, चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए दोहा भेजा. युद्धविराम समझौते के तुरंत बाद ट्रंप ने इसे ‘epic’ बताया और कहा कि यह केवल ‘नवंबर में उनकी ऐतिहासिक जीत’ के कारण ही संभव हो सका.
‘व्हाइट हाउस में आए बिना ही बहुत कुछ हासिल कर लिया’
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह इस बात से ‘खुश’ हैं कि इजरायली और अमेरिकी बंधक अपने परिवारों से फिर से मिल पाएंगे. उन्होंने लिखा, ‘हमने व्हाइट हाउस में आए बिना ही बहुत कुछ हासिल कर लिया है. कल्पना कीजिए, जब मैं व्हाइट हाउस लौटूंगा और मेरा प्रशासन पूरी तरह से काम करने लगेगा तो क्या-क्या अद्भुत चीजें होंगी.’ ट्रंप ने कहा कि विटकॉफ इस समझौते को क्रियान्वित करने के लिए नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ काम करेंगे.
तीन चरण में विभाजित किया गया समझौता
इजरायल-हमास समझौता तीन चरणों में विभाजित किया गया है. हमास पहले चरण में 33 इजरायली बंधकों को रिहा करेगा. पहले चरण में इजरायली हिरासत में रखे गए अज्ञात संख्या में फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा, साथ ही गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाई जाएगी.
दूसरे और तीसरे चरण के विस्तृत विवरण पर काम चल रहा है और इसे ट्रंप प्रशासन द्वारा अंजाम दिया जाएगा. निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने विदाई भाषण में इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दूसरे और तीसरे चरण में अधिक बंधकों को रिहा किया जाएगा और गाजा का पुनर्निर्माण किया जाएगा.
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