NDA का फिर बढ़ सकता है कुनबा, BJP के लिए पंजाब से आ रही गुड न्यूज; एक सांसद का लाभ – Live Hindustan

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्यसभा में लगभग दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा छू चुका एनडीए, लोकसभा में भी इसके काफी करीब पहुंच चुका है। हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में टूट के बाद ऐसी स्थिति बनी है। भाजपा के लिए अब पंजाब से अच्छी खबर सामने आ रही है, जहां अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल (SAD) या किसी अन्य अकाली धड़े के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर पार्टी का रुख साफ किया है। जालंधर में आयोजित एक मीडिया कॉन्क्लेव के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर सही समय आने पर ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए कि अकाली दल के साथ दोबारा हाथ मिलाने के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं, लेकिन फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान पंजाब में अपने दम पर संगठन को मजबूत करने पर है। आपको बता दें कि लोकसभा में हालांकि अकाली दल के सिर्फ एक सांसद हैं, लेकिन अगर दोनों का गठबंधन होता है तो विधानसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा की स्थिति मजबूत हो सकती है।

मीडिया से बात करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों यानी कि 117 सीटों पर अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करना चाहती है। उन्होंने कहा, “फिलहाल हम अपनी खुद की ताकत बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे तब हम जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे और फैसला लेंगे। आज की तारीख में हम अकाली दल के साथ गठबंधन के न तो पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ हैं।”

भाजपा अध्यक्ष ने साफ किया कि पार्टी ने फिलहाल अकेले आगे बढ़ने की रणनीति तय की है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कई चीजें खुद-ब-खुद स्पष्ट हो जाएंगी। अगले छह महीनों तक भाजपा हर विधानसभा क्षेत्र में पूरी मजबूती के साथ खड़ी होगी, जनता से जुड़े हर मुद्दे को उठाएगी और लोगों के बीच जाएगी। गठबंधन पर फैसला करने के लिए अभी काफी समय बाकी है।

अपनी इस तीन दिवसीय पंजाब यात्रा के दौरान नितिन नवीन ने लुधियाना में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों के साथ बंद कमरों में रणनीतिक बैठकें भी कीं। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंजाब कैडर को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कोई भी नेता अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी न करे।

साल 2020 में तीन कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल ने भाजपा और एनडीए से अपना दो दशक पुराना नाता तोड़ लिया था। अब बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में, जहां राज्य में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है और कांग्रेस वापसी की कोशिश में है। भाजपा अध्यक्ष के इस बयान ने भविष्य के नए समीकरणों की गुंजाइश को जिंदा रखा है।

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
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