मोदी कैबिनेट में फेरबदल और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है। संकेत मिल रहे हैं कि सरकार और संगठन दोनों जगह यह बदलाव एक साथ देखने को मिल सकता है। इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई टीम को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
बीजेपी सूत्रों ने पहले ही इस बात के संकेत दिए थे कि संगठन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी हो सकती है। माना जा रहा है कि संगठन का यह पुनर्गठन सीधे तौर पर केंद्रीय कैबिनेट में होने वाले संभावित फेरबदल से जुड़ा होगा। गुरुवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों (MoS) के साथ हुई चर्चा के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
पार्टी के अंदरूनी हलकों का मानना है कि गुरुवार को घोषित हुई बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई की तरह ही राष्ट्रीय टीम का भी गठन किया जा सकता है। यूपी की नई टीम में व्यापक बदलाव करते हुए अपेक्षाकृत युवा चेहरों और ओबीसी (OBC) जातियों के बड़े प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया है।
सपा के ‘पीडीए’ की काट भी एक मु्द्दा है। यूपी में इस कदम को समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) दांव के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में भी इसी तरह का जातीय समीकरण देखने को मिल सकता है। पार्टी महिलाओं और युवाओं के साथ-साथ प्रमुख जातियों के बीच अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए बृहस्पतिवार को अपनी प्रदेश इकाई के लिए सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को हटाकर नये पदाधिकारियों की घोषणा की। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रदेश इकाई में 19 उपाध्यक्ष और आठ महासचिव बनाए गए हैं।
इसके मुताबिक पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर के लिए क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित किए गए हैं। यह सूची पार्टी नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के बीच कई दौर के विचार-विमर्श के बाद जारी की गई है।
सूची के अनुसार प्रदेश महामंत्री बनाये गये नेताओं में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी शामिल है। इसके अनुसार, उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त होने वाले नेताओं में पूजा पाल, सुरेश राणा, नीरज सिंह और सत्यपाल सैनी सहित अन्य नेता शामिल हैं।
इसके अनुसार सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदल दिये गये हैं। इसके अनुसार जिन लोगों को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया है उनमें नवाब सिंह नागर – क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम), पूरन लाल लोधी – क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज), राम किशोर साहू – क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर), अवधेश द्विवेदी – क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध), अशोक चौरसिया – क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी) और विनोद राय – क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर) शामिल हैं।
भाजपा ने मनीष दीक्षित को राज्य मीडिया समन्वयक के पद पर बरकरार रखा, जिससे यह इस भूमिका में उनका लगातार चौथा कार्यकाल बन गया। दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है, जबकि हिमांशु राज पंडित राज्य सोशल मीडिया समन्वयक के रूप में काम करेंगे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि नयी टीम अगले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की सामाजिक पहुंच का विस्तार करने और अपनी संगठनात्मक मशीनरी को तेज करने के प्रयास को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी के अपने “पीडीए” (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठबंधन पर लगातार जोर देने के बीच, ये नियुक्तियां विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए की गई हैं।
यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी समय तक अपने फैसलों को गोपनीय रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में कैबिनेट विस्तार या फेरबदल की चर्चाओं के कई मुख्य कारण हैं।
हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी कैबिनेट में बदलाव की संभावनाओं को ठोस आधार दिया है। इसके दो अहम कारण हैं-
हालांकि, इन दोनों मामलों में मूल पार्टियों ने इन सांसदों के दल बदलने को अवैध करार दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि कैबिनेट में यह फेरबदल तभी होगा, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इन सांसदों के दलबदल को लेकर अपना अंतिम फैसला सुना देंगे।
डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे ‘क्यों’ और ‘कैसे’ को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव ‘फैक्ट-चेकिंग’ और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play