बाराबंकी। कभी रोजगार की तलाश में बड़े शहरों का रुख करने वाले बाराबंकी के युवाओं के लिए अब अपने जिले में ही स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) और विभिन्न सरकारी योजनाओं की मदद से जिले में छोटे उद्योगों का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में 26 हजार एमएमएमई में रजिस्टर्ड हैं। जिसमें 15 हजार ऐसे उद्यमी हैं जो वास्तविक हैं। जिला उद्योग के उपायुक्त दिनेश चौरसिया का कहना है कि दस हजार से लेकर 125 करोड़ रुपये तक के उद्योग एमएसएमई के अंतर्गत ही आएंगे।
जिले में ओडीओपी के तहत 1710 इकाइयां लगाई गई हैं, जो लक्ष्य से अधिक है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 174 इकाइयां लगाईं गई हैं।मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुद्रा योजना और अन्य उद्यमिता योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आसान ऋण, अनुदान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके चलते फर्नीचर, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती, रेडीमेड वस्त्र, डेयरी, पैकेजिंग और हस्तशिल्प जैसे छोटे उद्योग तेजी से विकसित हुए हैं। उद्योग विभाग के प्रयासों से बड़ी संख्या में युवाओं ने स्वयं का व्यवसाय शुरू किया है। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन और विपणन से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
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