पीरियड्स महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा माने जाते हैं. हालांकि इस दौरान कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है. इस दौरान होने वाला दर्द असहनीय होता है. हालांकि अगर आप महिला हैं तो आपने भी नोटिस किया होगा कि मौसम के हिसाब से दर्द में परिवर्तन महसूस किया होगा. अक्सर कई लड़कियों को गर्मियों के मौसम पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द महसूस होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्या होता है? आइए डॉ. काजल सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, NIIMS मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा) से जानते हैं.
डॉ. काजल सिंह ने बताया कि गर्मियों के मौसम में पीरियड्स के दौरान पेट दर्द (क्रैंप्स) वैज्ञानिक और लाइफस्टाइल से जुड़े कारण होते हैं. गर्मियों में क्रैंप्स ज्यादा महसूस होना कई वजहों से हो सकता है जैसे-
1. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
2. थकान और कमजोरी
3. हार्मोनल बदलाव
4. खाने-पीने की गलत आदतें
इन सभी कारणों से गर्मी के दिनों में पीरियड्स का दर्द अधिक महसूस हो सकता है
क्रैंप्स से बचाव के आसान तरीके-
1. भरपूर पानी पिएं-
दिन में कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं. नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ भी बहुत फायदेमंद हैं. इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और दर्द कम होगा.
2. हल्का और पौष्टिक भोजन लें-
हरी सब्जियां, फल, दाल, और आयरन-युक्त खाना खाएं. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना कम करें.
3. हल्की एक्सरसाइज और योग करें-
हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है
4. गर्म पानी की सिकाई (हॉट वॉटर बैग)-
पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की सिकाई करने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और क्रैंप्स कम होते हैं
5. कैफीन और जंक फूड से बचें-
कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा मीठी चीजें दर्द को बढ़ा सकती हैं, इसलिए इनका सेवन कम करें
6. पर्याप्त नींद लें-
अच्छी नींद शरीर को रिलैक्स करती है और दर्द सहने की क्षमता बढ़ाती है
अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, हर महीने बढ़ता जा रहा हो, या दवा लेने के बाद भी आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. यह किसी अन्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. गर्मियों में पीरियड्स क्रैंप्स बढ़ना आम बात है, लेकिन सही खान-पान, पानी की पर्याप्त मात्रा और थोड़ी सी सावधानी से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. अपने शरीर की जरूरतों को समझें और समय पर ध्यान दें यही सबसे बेहतर इलाज है.
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नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट … और पढ़ें
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