एंथ्रोपिक को राहत मगर भारत को नहीं मिलेगा पावरफुल AI, अमेरिका ने बदले नियम – AajTak

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अमेरिका सरकार ने एंथ्रोपिक को राहत दी है. एंथ्रोपिक का पावरफुल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) मॉडल  Mythos 5 को लेकर अमेरिका ने एक नया ऑर्डर दिया है, जिसमें प्रतिबंध पर थोड़ी राहत दी है. इसके बाद भी भारत समेत दुनिया के कई देशों की कंपनियां मिथोस 5 का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी. 
अमेरिका ने एंथ्रोपिक के लिए नए आदेश में कहा है कि वह पावरफुल एआई मॉडल को पूरी तरह नहीं बल्कि सिर्फ अमेरिका की कुछ भरोसेमंद संस्थाओं को ही इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी. इसके लिए सरकारी की मंजूरी वाली कुछ कंपनियों की लिस्ट है, उनके अलावा किसी और देश की कंपनी को सर्विस नहीं मिल पाएगी. 
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर लगाई थी रोक 
दरअसल, कुछ सप्ताह पहले अमेरिकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एंथ्रोपिक को अपने सबसे एडवांस्ड AI मॉडल Mythos 5 और Fable 5 को रोकने का निर्देश दिया था. जिसमें अमेरिका से बाहर इसका एक्सेस रोक दिया था. 
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ट्रंप प्रशासन का यह फैसला उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत ऐसे एडवांस्ड AI मॉडल पर रोक लगाना है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका के दुश्मन उसके ही खिलाफ कर सकते हैं. 
चुनिंदा संस्थानों को एक्सेस देने की मंजूरी 
एंथ्रोपिक ने हाल ही में बताया है कि अमेरिकी सरकार ने उन चुनिंदा संस्थाओं के लिए मिथोस 5 के एक्सेस देने की मंजूरी दे दी है, जो असल में जरूरी इंफ्रस्ट्रक्चर के ऑपरेशन और सुरक्षा के लिए काम करती हैं. 
एंथ्रोपिक ने रॉयटर्स को बताया है कि वह सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे भविष्य में Mythos 5 की सर्विस को और देशों व कंपनियों तक पहुंचाया जा सके. Fable 5 को भी दोबारा सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा. 
लिस्ट में 100 से अधिक कंपनियों और संस्थानों के नाम 
रिपोर्ट के मुताबिक, अब 100 से अधिक कंपनियों और संस्थानों को Mythos 5 का एक्सेस मिलेगा, जिसमें कई Fortune 500 कंपनियां भी शामिल हैं. 
अमेरिका के कॉमर्स डिपार्टमेंट ने एक और राहत देते हुए यह शर्त भी हटा दी है कि भरोसेमंद अमेरिकी संस्थाओं को अपने गैर-अमेरिकी कर्मचारियों के लिए Mythos 5 इस्तेमाल करने पर एक्सपोर्ट लाइसेंस लेना होगा. अब एंथ्रोपिक के वे कर्मचारी भी इस मॉडल का यूज कर पाएंगे, जो अमेरिकी नागरिक नहीं हैं. 
सरकार की लिस्ट में शामिल न होने वाली कंपनियों पर लाइसेंस संबंधी प्रतिबंध जारी रहेंगे. इसका मतलब है कि भारत जैसे देशों की अधिकांश कंपनियां अभी भी Mythos 5 का फायदा नहीं उठा सकेंगी. 
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Mythos 5 कितना पावरफुल है?
एंथ्रोपिक का Mythos 5 एक ऐसा एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी मॉडल है. कंपनी का दावा है कि इसकी मदद से बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का पता लगा सकती हैं. हालांकि डर इस बात का है कि अगर यह मॉडल गलत हाथों में पड़ जाता है तो बड़ी ही आसानी से किसी प्लेटफॉर्म को शिकार बनाया जा सकता है. 
बैंकिंग जैसे सेक्टर, जहां पुराने और आपस में जुड़े डिजिटल सिस्टम के लिए ये खतरनाक भी बन सकता है.अमेरिका का कॉमर्स डिपार्टमेंट ने Anthropic को बताया कि कंपनी ने मॉडल से जुड़े खतरे को कम करने के लिए काम किया है.
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