अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची है, जिसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी कई लापता हैं। …और पढ़ें
अरुणाचल प्रदेश मौसम। (ANI)
अरुणाचल में बाढ़-भूस्खलन से अब तक तीन मौतें।
राज्य के नौ जिले प्रभावित, भारी बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट दिया।
डिजिटल डेस्क, ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में इन दिनों कुदरत का कहर बरप रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के कई हिस्सों में अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा के चलते राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर अब तक तीन हो गई है, जबकि कई अन्य लापता हैं।
जानकारी के अनुसार राज्य के करीब 9 जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों के टूटने और पुलों के दरकने से कई इलाकों का संपर्क कट गया है।
राज्यभर में गंभीर होती स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मलबे और उफनती नदियों के बीच मुस्तैदी से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। दूसरी ओर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में चुनौतियां और बढ़ने की संभावना तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार केयी पान्योर जिले में आई बाढ़ के बाद लापता हुए सौरव कुमार खरवार का शव रविवार को पड़ोसी जिले पापुम पारे के ‘हवा कैंप’ के पास से बरामद किया गया। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या 3 हो गई है।
इसके अलावा बुधवार को आई इस बाढ़ में कुल 5 लोग लापता हुए थे। दो महिलाओं के शव पहले ही मिल चुके हैं, जबकि बाकी बचे 2 लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन पांचवें दिन भी जारी रहा।
बचाव कार्य को मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) के 23 अतिरिक्त जवान रविवार को प्रभावित इलाके के लिए रवाना हुए। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी भी हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री भेजने की तैयारी में है, जो मौसम साफ होते ही रवाना होगी।
अभी तक सामने आई जानकारी के अमुसार बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, केयी पान्योर जिले के पूसा स्थित नीपको कॉलोनी में करीब 30 घर पूरी तरह बह गए या तबाह हो गए हैं। इसके अलावा पोस्सा और पीटापूल इलाकों में 10 घर नष्ट और 14 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
जिले में कुल 128 परिवार प्रभावित हुए हैं। विस्थापित हुए 60 लोगों के लिए नीपको कैंपस में एक राहत कैंप बनाया गया है। वहीं ईस्ट सियांग जिले के लेदुम में भी रविवार सुबह बाढ़ आई। वहीं, लेपाराडा जिले के बसार में किडी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे एक मुख्य पुल को खतरा पैदा हो गया है। राज्य के कुल 9 जिले इस आपदा से प्रभावित हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने अरुणाचल प्रदेश के लिए बेहद डराने वाली चेतावनी जारी की है। सोमवार सुबह तक राज्य के कुछ हिस्सों में 200 मिमी (20 सेमी) से अधिक बारिश होने की आशंका है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश के चलते पापुम पारे और ईस्ट सियांग में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि लोअर सुबनसिरी, लेपाराडा, लोअर सियांग, वेस्ट कामेंग और लोअर दिबांग घाटी जैसे कई जिलों में ‘भारी बारिश’ की चेतावनी दी गई है।
ऐसे में सरकार और मौसम विभाग ने प्रभावित व संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, लगातार नजर बनाए रखने और भारी बारिश के दौरान बेवजह यात्रा करने से बचने की अपील की है।
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