केतन अग्रवाल और सिया की कुंडलियों ने पहले ही बता दी थी रिश्ते की हकीकत? कितने गुण मिले थे – Live Hindustan

Ketan Agarwal murder case update: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पिछले एक हफ्ते से देश भर में सुर्खियां बटोरीं हुई हैं। पूरा देश इस केस में दिलचस्पी ले रहा है। इस केस को लेकर हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, जिसने इस मामले को और भी ज्यादा हैरतअंगेज बना दिया है। मंगेतर और उसके प्रेमी की खौफनाक साजिश का शिकार बने केतन अग्रवाल की हत्या के बारे में एक और दावा किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि केतन और सिया का रिश्ता पक्का करवाने के पहले दोनों परिवारों ने इनकी कुंडलियां भी मिलवाई थीं। हिंदू परंपराओं के अनुसार मिलने वाले 36 गुणों में से दोनों के 27 गुण आपस में मिले थे। ज्योतिष के मुताबिक इसे एक बेहतर रिश्ता माना जाता है। ऐसे में ज्योतिषियों ने दोनों के रिश्ते को एक आदर्श रिश्ता करार दिया था।

दोनों परिवारों के मेल-मिलाप और और ज्योतिषियों के परामर्श के अनुसार फरवरी में इन दोनों की सगाई करना तय हुआ था, जबकि शादी के लिए नवंबर की तारीख तय की गई थी। पुलिस सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, चेतन चौधरी सिया की जिंदगी में इस रिश्ते के तय होने से पहले से था, लेकिन केतन अग्रवाल से शादी तय होने के बाद सिया ने पुराने रिश्ते को भुलाने और केतन को अपनाने की कोशिश की, लेकिन करीब 2 महीने बाद चेतन वापस उसकी जिंदगी में आ गया और फिर उन्होंने केतन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग करना शुरू कर दिया।

18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले से गिरने की वजह से पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल से पूछताछ करने के बाद इसे एक हादसा स्वीकार कर लिया था। लेकिन बाद में केतन के परिवार को सिया पर शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस को इस बात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच की, तो पुणे की 34 डिग्री की गर्मी में लोहगढ़ किले पर एक व्यक्ति हुडी पहने और अपना चेहरा छिपाए हुए नजर आया। इसके बाद पुलिस ने सिया कि कॉल डिटेल्स निकाली और जांच करना शुरू कर दिया। इसके बाद चेतन और सिया की कहानी उजागर हो गई। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सिया ने कई ऐसे दावे किए, जिन्हें लेकर सभी हैरत में पड़ गए। सिया के मुताबिक, वह इस शादी से खुश नहीं थी, लेकिन शादी से इनकार करके परिवार का दिल नहीं दुखाना चाहती थी। इसके अलावा चेतन चौधरी भी उसकी जिंदगी में था, जिससे वह शादी करना चाहती थी। इसलिए वह लगातार केतन को रास्ते से हटाने के बारे में सोचने लगी। 31 मई को केतन के साथ लोहगढ़ फोर्ट पर ट्रैकिंग करने के दौरान उसे केतन को किले की दीवार से धक्का देने का ख्याल आया। इसके बाद उसने चेतन से इस बारे में बात की और दोंनों में सहमति बन गई। इतना ही नहीं इसके बाद सिया ने प्री वेडिंग सूट के लिए अपनी बाली यात्रा को कैंसिल करवा दिया और फिर बार-बार लोहगढ़ फोर्ट जाने की जिद करने लगी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केतन और सिया अपनी बहन के साथ प्री वेडिंग शूट के लिए बाली जाने वाले थे। लेकिन रास्ते में केतन का पासपोर्ट खोने की वजह से यह यात्रा कैंसिल हो गई। (दावा है कि सिया ने ही केतन का पासपोर्ट गायब किया था।) इस यात्रा के कैंसिल होने के बाद केतन थोड़ा परेशान हो गया था। उसने अपने परिवार से भी बात की थी कि सिया छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाती है और कई बार उसका फोन भी व्यस्त आता है। इसके बाद परिवार ने उसे समझते हुए कहा था कि उसकी उम्र कम है इसकी वजह से वह बचकाना हरकत कर रही है। इसके बाद केतन ने समझदारी से काम लेते हुए रिश्ते को आगे बढ़ाने की कोशिश की। इधर सिया अपने मन में पाप पाले हुए थे। बाली यात्रा के बाद वह 14 जून को केतन को जिद करके लोहगढ़ किले पर लेकर गई। यहां पर उसने केतन को धक्का देने की कोशिश की, लेकिन केतन बच गया। जब उसने पूछा कि आखिर धक्का क्यों दिया, तो सिया ने सांप देखने का बहाना बना दिया।

सूत्रों के मुताबिक, 14 जून को केतन बच गया लेकिन सिया अपने इरादे को लेकर पक्की थी। उसने फिर से केतन को लोहगढ़ चलने के लिए जिद की, लेकिन केतन नहीं माना। इस पर उसने केतन की मम्मी से भी बात की और उसे लोहगढ़ जाने के लिए मनाने लगी। इस पर मम्मी ने हामी भर दी। बाद में सिया ने 19 जून को अपने जन्मदिन से ठीक पहले केतन को साथ में लोहगढ़ चलने के लिए मना लिया। इसके बाद दोनों लोहगढ़ पहुंचे और यहां पर सिया ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर केतन अग्रवाल को धक्का दे दिया। हालांकि अभी यह सब दावों और पुलिस सूत्रों के आधार पर सामने आ रहा है। बाकी पुलिस के पास क्या सबूत हैं और कैसे पुलिस इस पूरी थ्योरी को अदालत में साबित कर पाएगी। यह देखना अभी बाकी है।

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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