वरिष्ठ टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप, फैसल खान उर्फ खान सर और अन्य कोचिंग टीचर्स के बीच चल रहा विवाद अब मध्यस्थता के मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में पक्षकारों को सुलह की सलाह दी। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब वरिष्ठ पत्रकार ने एक टीवी शो के दौरान ‘स्टार टीचर्स’ को लेकर एक टिप्पणी की और बाद में ऑनलाइन कोचिंग देने वाले कुछ शिक्षकों ने उन पर जवाबी हमले किए।
जस्टिस तुषार राव गेडेला ने मौखिक रूप से कहा कि नुकसान पहले ही हो चुका है और पक्षकार अब सिर्फ स्थिति संभाल सकते हैं। उन्होंने विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने का सुझाव दिया। अदालत ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि सभी पक्ष इस विवाद को सहमति से सुलझा सकते हैं। अगर किसी सीनियर मध्यस्थ को नियुक्त किया जाता है, तो पक्ष समझौते की शर्तों पर विचार करने के लिए तैयार हैं।’ वरिष्ठ वकील राजशेखर राव को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया गया है।
सुनवाई के दौरान अंजना ओम कश्यप के वकील ऋषिकेश बरुआ ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ किए गए पोस्ट पूरी तरह मानहानिकारक थे। अदालत ने पूछा कि पक्षकार इस मामले को सुलझा क्यों नहीं रहे हैं।
अदालत ने कहा कि आप किसी की आलोचना कर सकते हैं पर इसका स्तर अच्छा होना चाहिए। मुझे लगता है कि यह उस बात की प्रतिक्रिया थी जो आपने (अंजना ओम कश्यप) कहा। लेकिन हो सकता है कि उन्होंने (शिक्षकों ने) इस भाषा का इस्तेमाल न किया हो, लेकिन अगर उन हिस्सों को हटाया जा सके। अदालत ने सभी पक्षों को सुलह की सलाह दी।
बरुआ ने दलील दी कि खान सर ने अंजना ओम कश्यप के बच्चों के स्कूल के नाम को सार्वजनिक किया और उन्हें (पत्रकार) जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। बरुआ ने कहा कि स्कूलों की बात नहीं करनी चाहिए थी। वे पाठ्यक्रम में राजनीति की चर्चा करते हैं। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि हर कोई राजनीति की चर्चा करता है। अदालत ने कहा, ‘यह राजनीति है। हर कोई इसकी चर्चा करता है। हर कोई व्यक्ति जो राजनीति नहीं जानता है, राजनीति की चर्चा करता है।’
अदालत ने खान सर के वकील से कहा कि वह प्रतिक्रिया दे सकते थे, लेकिन आपको समझना चाहिए कि आप शिक्षाविद हैं। आपको इससे बचना चाहिए था। आप बच्चों के बारे में सार्वजनिक किए गए तथ्यों को हटाइए। उनसे बात करने की कोशिश करिए और सुनिश्चित करिए कि उन शब्दों को हटा दिया जाए। खान सर के वकील ने कहा कि पत्रकार के बच्चों के बारे में कही गई बातों को हटा लिया जाएगा लेकिन उन्हें (कश्यप) भी टिप्पणियां बंद करनी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों को साथ बैठने और मामले को निपटाने की सलाह दी।
सुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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