July 6 Aphelion: हर साल जुलाई के महीने में एक ऐसी खगोलीय घटना होती है, जिसके बारे में सुनकर ज्यादातर लोग हैरान रह जाते हैं. इस साल 6 जुलाई 2026 को पृथ्वी सूर्य से पूरे साल की सबसे अधिक दूरी पर होगी. पहली बार में यह सुनकर लगता है कि जब पृथ्वी सूर्य से इतनी दूर होगी तो ठंड पड़नी चाहिए. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता. इसी समय भारत समेत पूरे उत्तरी गोलार्ध में तेज गर्मी और लंबे दिन होते हैं. तो आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या सूर्य से दूर होने का मौसम पर कोई असर नहीं पड़ता? इन्हें आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं.
आगामी 6 जुलाई 2026 को पृथ्वी अपनी कक्षा में उस स्थान पर पहुंचेगी, जहां वह सूर्य से पूरे साल में सबसे अधिक दूर होती है. इस स्थिति को अपहेलियन कहा जाता है. इस दिन पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी करीब 15.21 करोड़ किलोमीटर होगी. तुलना करें तो जनवरी की शुरुआत में पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है. उस स्थिति को पेरिहेलियन कहा जाता है. यानी साल में एक समय पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है और लगभग छह महीने बाद सबसे दूर.
लोगों के मन में ये सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पृथ्वी उस दिन सूर्य से सबसे अधिक दूर होगी तो फिर गर्मी कम होनी चाहिए नाकि ज्यादा. असल में मौसम का संबंध पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी से नहीं होता. मौसम इस बात पर निर्भर करता है कि पृथ्वी अपने अक्ष पर कितनी झुकी हुई है. पृथ्वी लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है. इसी झुकाव की वजह से साल भर अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम आते हैं. जुलाई में उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका रहता है. इसलिए भारत, यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई हिस्सों में सूर्य की किरणें सीधे पड़ती हैं. दिन लंबे होते हैं और गर्मी ज्यादा महसूस होती है. दूसरी तरफ दक्षिणी गोलार्ध सूर्य से थोड़ा दूर झुका रहता है. इसलिए वहां इस समय सर्दी का मौसम होता है.
इस सवाल का जवाब है कि असर पड़ता है, लेकिन बहुत कम. 6 जुलाई को पृथ्वी सूर्य से करीब 50 लाख किलोमीटर ज्यादा दूर होगी. सुनने में यह दूरी बहुत बड़ी लगती है, लेकिन अंतरिक्ष के पैमाने पर यह सिर्फ लगभग 3 प्रतिशत का अंतर है. इस वजह से पृथ्वी तक पहुंचने वाली सूर्य की ऊर्जा में करीब 7 प्रतिशत की कमी आती है. लेकिन यह कमी मौसम बदलने के लिए पर्याप्त नहीं होती. पृथ्वी का झुकाव इस छोटे से अंतर से कहीं ज्यादा असर डालता है.
कई लोगों को लगता है कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर बिल्कुल गोल चक्कर लगाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. पृथ्वी की कक्षा हल्की अंडाकार है. इसलिए एक समय वह सूर्य के थोड़ा करीब होती है और दूसरे समय थोड़ा दूर. हालांकि यह अंतर बहुत ज्यादा नहीं होता, इसलिए पृथ्वी पर जीवन और मौसम सामान्य बने रहते हैं.
इंफोग्राफिक: notebooklm
हां, यह होगा मगर फर्क इतना कम होगा कि इंसान अपनी आंखों से इसे पहचान नहीं पाएगा. अपहेलियन के दौरान सूर्य सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 3.5 प्रतिशत छोटा दिखाई देता है. इसी तरह उसकी रोशनी भी थोड़ी कम होती है, लेकिन यह बदलाव इतना मामूली होता है कि रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका कोई असर नहीं पड़ता.
इसका जवाब है नहीं. अपहेलियन पूरी तरह प्राकृतिक और सामान्य खगोलीय घटना है. यह हर साल होती है और इससे किसी तरह की प्राकृतिक आपदा, भूकंप, तूफान या जलवायु संकट नहीं आता. वैज्ञानिक इसे पृथ्वी की सामान्य कक्षीय गति का हिस्सा मानते हैं.
हां, हर साल जुलाई की शुरुआत में पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर पहुंचती है. इसी तरह हर साल जनवरी की शुरुआत में वह सूर्य के सबसे करीब होती है. यह प्रक्रिया लाखों वर्षों से चल रही है और आगे भी चलती रहेगी.
अपहेलियन क्या होता है?
जब पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर पहुंचती है, उस स्थिति को अपहेलियन कहा जाता है.
पेरिहेलियन क्या होता है?
जब पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है, उस स्थिति को पेरिहेलियन कहते हैं. यह हर साल जनवरी की शुरुआत में होता है.
6 जुलाई को पृथ्वी सूर्य से कितनी दूर होगी?
लगभग 15.21 करोड़ किलोमीटर (152.1 मिलियन किमी).
क्या सूर्य से दूर होने पर ठंड बढ़ जाती है?
नहीं. मौसम का मुख्य कारण पृथ्वी का 23.5 डिग्री का झुकाव है, दूरी नहीं.
भारत में जुलाई में गर्मी क्यों रहती है?
क्योंकि जुलाई में उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका रहता है. इसलिए सूर्य की किरणें सीधे पड़ती हैं और तापमान अधिक रहता है.
क्या सूर्य छोटा दिखाई देगा?
हां, लेकिन केवल लगभग 3.5 प्रतिशत. यह अंतर नंगी आंखों से दिखाई नहीं देता.
क्या इस घटना से कोई खतरा है?
नहीं, यह हर साल होने वाली सामान्य खगोलीय घटना है और इससे पृथ्वी पर कोई खतरा नहीं होता.
क्या अपहेलियन की वजह से दिन छोटे या बड़े हो जाते हैं?
नहीं, दिन और रात की लंबाई पृथ्वी के झुकाव पर निर्भर करती है, सूर्य से दूरी पर नहीं.
क्या सूर्य की रोशनी कम हो जाती है?
अपहेलियन के समय सूर्य की ऊर्जा लगभग 7 प्रतिशत कम होती है, लेकिन इसका मौसम या इंसानी जीवन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता.
क्या यह घटना हर साल एक ही तारीख को होती है?
लगभग हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में होती है. तारीख में एक-दो दिन का अंतर हो सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
नंदन सिंह ने पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2015 में ईनाडु डिजिटल यानी ईटीवी (हैदराबाद) से की. यहां इन्होंने बतौर कॉपी राइटर करीब 10 महीनों तक काम किया. सीखने … और पढ़ें
Subscribe to Our Newsletter Today!
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
© 1998-2026 INDIADOTCOM DIGITAL PRIVATE LIMITED, ALL RIGHTS RESERVED