करीब 400 साल पहले समुद्र में लापता हुआ एक डच व्यापारी जहाज आखिरकार पहचान लिया गया है. इस जहाज के साथ ऐसा खजाना भी मिला है, जिसने इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया. जहाज के मलबे से 400 से ज्यादा सोने के सिक्के और कई कीमती सामान मिले हैं, जिनकी मदद से इस 17वीं सदी के रहस्य से पर्दा उठ सका है. ये जहाज डोम वैन केयूलन (Dom van Keulen) नाम का एक डच व्यापारी जहाज था. साल 1633 में ये जहाज मोरक्को से नीदरलैंड के लिए रवाना हुआ था. उस समय इसमें सोने के सिक्कों के अलावा गोंद (गम अरेबिक), साल्टपीटर और बकरी की खाल जैसी कई कीमती चीजें लदी हुई थीं.
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इतिहास के दस्तावेजों के मुताबिक सफर के दौरान जहाज इंग्लिश चैनल में भयंकर तूफान की चपेट में आ गया. तूफान की वजह से जहाज में पानी भरने लगा और आखिरकार ये इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास समुद्र में डूब गया. अच्छी बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन जहाज और उसका कीमती सामान समुद्र की गहराई में खो गया. इस जहाज का मलबा पहली बार 1995 में इंग्लैंड के डेवन तट के पास मिला था. गोताखोरों को वहां समुद्र की तलहटी में सैकड़ों सोने के सिक्के और कई दूसरी ऐतिहासिक चीजें मिलीं. हालांकि उस समय यह साफ नहीं हो पाया था कि आखिर यह जहाज कौन-सा था.
इसके बाद करीब 30 साल तक पुरातत्वविदों, इतिहासकारों और समुद्री एक्सपर्ट्स ने इस मामले पर लगातार काम किया. पुराने सरकारी रिकॉर्ड, जहाजों से जुड़े दस्तावेज और समुद्र से मिले सामान की बारीकी से जांच की गई. आखिरकार ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स में मिले दस्तावेजों ने यह साबित कर दिया कि यह वही डच जहाज था, जो लगभग 400 साल पहले रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था. शोधकर्ताओं के मुताबिक जहाज से मिले 400 से ज्यादा सोने के सिक्के मोरक्को के थे. उस दौर में डच व्यापारी पश्चिम अफ्रीका और मोरक्को से शुद्ध सोना खरीदते थे और उसे यूरोप लेकर जाते थे. यही सोना बाद में डच सोने के सिक्के बनाने में इस्तेमाल होता था, जिनका व्यापार पूरी दुनिया में होता था.
जहाज के मलबे से सोने के सिक्कों के अलावा सोने के गहने, टिन का कटोरा और चम्मच, मिट्टी के बर्तन, मुहर, एंकर, तोपें और कई दूसरी ऐतिहासिक चीजें भी मिली हैं. ये सभी चीजें उस समय के समुद्री व्यापार और यूरोप-अफ्रीका के कारोबारी रिश्तों की अहम कहानी बताती हैं. मालूम हो ये पूरा शोध हाल ही में प्रकाशित एक नई किताब में सामने आया है. करीब चार सदियों तक समुद्र की गहराई में दफ्न ये जहाज आज इतिहास की एक ऐसी कहानी बन चुका है, जिसने दुनिया के सामने उस दौर के व्यापार और खजाने का एक अनमोल अध्याय फिर से खोल दिया है.
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