PoK में बिगड़ते हालात के बीच Border के पास Indian Army ने किया शक्ति प्रदर्शन, LoC पर High Alert – Prabhasakshi

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पाक अधिकृत कश्मीर में उथल पुथल और नियंत्रण रेखा के पार बढ़ती हलचल के बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारतीय सेना ने रविवार को बड़ा छद्म अभ्यास कर अपनी तैयारियों का सख्त संदेश दिया। सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी चौकसी के बीच हुए इस अभ्यास ने साफ कर दिया कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी घुसपैठ, आतंकी साजिश या सीमा पार से पैदा होने वाले खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।

हम आपको बता दें कि पुंछ का भूगोल ही उसे रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बनाता है। यह जिला नियंत्रण रेखा के बेहद करीब स्थित है और कई इलाके तो ऐसे हैं जहां सीमा की दूरी महज कुछ किलोमीटर रह जाती है। पुंछ शहर से नियंत्रण रेखा की दूरी करीब दस किलोमीटर मानी जाती है, जबकि पाक अधिकृत कश्मीर का रावलाकोट क्षेत्र तो सीमा के ठीक पार करीब चार किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। यही वजह है कि नियंत्रण रेखा के उस पार पैदा होने वाली हलचल का असर इस इलाके में तुरंत महसूस किया जाता है।

इन दिनों पाक अधिकृत कश्मीर के कई हिस्सों, खासकर रावलाकोट और मुजफ्फराबाद में विरोध प्रदर्शनों और अस्थिरता की खबरें सामने आ रही हैं। वहां हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भारत से सीमा खोलने की मांग की जा रही है ताकि लोग अंदर आ सकें। इन हालातों के बीच भारतीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। पुंछ और उसके आसपास के इलाकों में सेना की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

रविवार को मेंढर सेक्टर सहित नियंत्रण रेखा के पास कई अग्रिम चौकियों और भीतरी इलाकों में एक साथ छद्म अभ्यास किया गया। अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य सेना की युद्धक तैयारी को परखना और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना था। अभ्यास के दौरान आतंकवादी हमले जैसी परिस्थिति तैयार की गई, जिसमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल की क्षमता की जांच की गई।

इस पूरे अभियान में राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों के साथ सेना की अन्य इकाइयों ने भी हिस्सा लिया। सुरक्षा एजेंसियों ने यह देखने का प्रयास किया कि आपात स्थिति में कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकती है और नागरिकों को किस प्रकार सुरक्षित निकाला जा सकता है। अभ्यास का एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय लोगों को भी सतर्क करना और उन्हें संकट के समय अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी देना था।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे अभ्यास बेहद जरूरी हैं, क्योंकि यहां हालात कभी भी अचानक बदल सकते हैं। लोगों का मानना है कि यदि नागरिक पहले से प्रशिक्षित और जागरूक रहें तो किसी भी हमले या आपदा की स्थिति में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों को मिली गोपनीय सूचनाओं ने भी चिंता बढ़ा दी है। खुफिया इनपुट के अनुसार आतंकवादी संगठन पुंछ क्षेत्र में घुसपैठ करने या आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद सेना ने सुरनकोट और मेंढर शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। कई नई चौकियां स्थापित की गई हैं और मुख्य सड़कों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षाकर्मी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

पुंछ क्षेत्र का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पुंछ उरी क्षेत्रीय पट्टी में आता है, जहां अतीत में नियंत्रण रेखा पार व्यापार और आवाजाही का सीमित रास्ता भी मौजूद रहा है। चक्कन दा बाग के रास्ते पुंछ रावलाकोट मार्ग कभी दोनों ओर के लोगों के संपर्क का माध्यम माना जाता था, लेकिन बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के कारण अब यहां आवाजाही बेहद सीमित और कड़ी निगरानी में होती है।

बहरहाल, सीमा पार बढ़ती बेचैनी, आतंकी गतिविधियों की आशंका और नियंत्रण रेखा पर लगातार बने तनाव के बीच पुंछ में हुआ यह छद्म अभ्यास केवल नियमित सैन्य कवायद नहीं माना जा रहा। इसे भारतीय सुरक्षा तंत्र की उस रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए यह संदेश दिया गया है कि सीमा पार की किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है।
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