दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम की हाई-राइज बिल्डर सोसाइटियों की निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. गुरुग्राम के सेक्टर-37C स्थित इम्पीरिया एस्फेरा सोसाइटी के टावर-ई में एक फ्लैट की बालकनी का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया. गनीमत रही कि हादसे के समय नीचे कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. घटना के बाद सोसाइटी में दहशत और बिल्डर के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ गया है
बिल्डिंग के बालकनी का छज्जा गिरने के साथ फ्लैट की बाहरी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई. तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए. मौके पर पहुंचकर लोगों ने देखा कि भारी मात्रा में कंक्रीट और प्लास्टर नीचे गिरा हुआ था. हालांकि, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त बालकनी के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था. पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी.
Gurugram Rains: भारी बारिश के बीच गुरुग्राम पानी-पानी, लोगों को WFH की सलाह, कहीं धंसी सड़कें तो कहीं फंसीं गाड़ियां
हादसे के बाद सोसाइटी के निवासियों में भारी आक्रोश है. उनका आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से अब लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं. रेजिडेंट्स का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
सोसाइटी के निवासियों ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते पूरे प्रोजेक्ट की जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है. लोगों ने मांग की है कि किसी स्वतंत्र और प्रतिष्ठित थर्ड-पार्टी एजेंसी से पूरे प्रोजेक्ट का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए और जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक सभी टावरों की सुरक्षा का आकलन किया जाए.
गौरतलब है कि इससे पहले भी गुरुग्राम की कई बिल्डर सोसाइटियों में प्लास्टर और स्ट्रक्चर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने विभिन्न सोसाइटियों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए टीमें गठित की थीं. हालांकि, इम्पीरिया एस्फेरा की इस ताजा घटना ने एक बार फिर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, बिल्डरों की जवाबदेही और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Gurugram Rain: गुरुग्राम में पहली बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, NH-48 पर लंबा जाम
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.