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ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. CBI ने आरोप लगाया था कि वे आवाज़ के नमूने (वॉयस सैंपल) देने में सहयोग नहीं कर रहे थे. एक एजेंसी के मुताबिक सुनवाई के दौरान मां-बेटे की जोड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए भोपाल ज़िला और सत्र न्यायालय के सामने पेश हुई.
12 मई को ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा
ट्विशा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं. बाद में उनके पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह (जो पूर्व ज़िला जज हैं) को दहेज के लिए परेशान करने, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. CBI ने कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने आवाज़ के नमूने देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, लेकिन जब CBI की टीम 6 जुलाई को जेल गई, तो उन्होंने सहयोग नहीं किया.
ट्विशा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि इसी आधार पर CBI ने अदालत से उनकी न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने मंज़ूर कर लिया. उन्होंने कहा कि CBI ने अदालत को बताया कि आवाज़ के नमूने न मिलने से जांच में बाधा आ रही है क्योंकि दोनों आरोपी उन्हें देने में आनाकानी कर रहे थे.
एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं अधिकारी
उधर, हाल ही में ट्विशा केस में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट CBI को 11 जुलाई को मिली. अधिकारियों के मुताबिक AIIMS की मेडिकल पैनल की रिपोर्ट का अध्ययन और विश्लेषण किया जा रहा है. ट्विशा के परिवार ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद AIIMS की टीम ने दूसरा पोस्टमार्टम किया था.
अधिकारियों ने बताया कि AIIMS की रिपोर्ट में कहा गया है कि फंदे के लिए इस्तेमाल किए गए जिम्नास्टिक बेल्ट पर त्वचा के ऊतक (स्किन टिश्यू) मिले हैं, जो शरीर पर मिले चोट के निशानों से मेल खाते हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस जिम्नास्टिक बेल्ट में एक धातु (मेटल) की रिंग भी लगी हुई थी. हालांकि अभी सीबीआई ने ये साफ नहीं किया है कि मामला आत्महत्या का ही है या कुछ और…जांच जारी है.
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