बरेली में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते के प्रस्तावित मसौदे का विरोध शुरू हो गया है। किसान एकता संघ के नेतृत्व में बुधवार को सैकड़ों किसानों ने बाइक रैली निकालकर केंद्र सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने तर्क दिया कि प्रस्तावित फ्री ट्रेड समझौता भारतीय किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के हितों के प्रतिकूल है। उनका मानना है कि यह समझौता देश की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
डॉ. रवि नागर ने आरोप लगाया कि इस समझौते के लागू होने से विदेशी उत्पादों और कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने इस समझौते को किसानों के लिए “डेथ वारंट” बताया और कहा कि किसान इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
ज्ञापन में किसानों ने केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की। किसानों ने जोर दिया कि किसी भी व्यापारिक समझौते से पहले कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर उसके संभावित प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
डॉ. रवि नागर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले पूरे देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से एक व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
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