चन्नी को झटका, बरकरार रहेगी 'राजा' की बादशाहत, पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले नहीं होगा कोई बदलाव – AajTak

Feedback
पंजाब कांग्रेस के भीतर मचे घमासान के बीच कांग्रेस आलाकमान ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. पार्टी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपने पद पर बने रहेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा. 
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने बुधवार को संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में दो टूक कहा कि संगठन में नेतृत्व परिवर्तन कोई “गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है.”
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के 29 जिला अध्यक्षों में से 25 अध्यक्ष, चार सांसद और विधायकों का एक बड़ा धड़ा इस समय राजा वड़िंग के साथ मजबूती से खड़ा है. पिछले करीब साढ़े चार साल से पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे वड़िंग को राज्य में जमीनी स्तर पर संगठन का ढांचा मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष को हटाने से संगठन कमजोर होगा और कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा.
यह भी पढ़ें: बघेल ने नहीं मानी चन्नी गुट की बात… पंजाब कांग्रेस में तल्ख हुई रार, अब आगे क्या?
चन्नी और रंधावा की गुटबाजी पर सख्त रुख, ‘भविष्य के वादों’ से मनेगी बात
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा की नाराजगी को लेकर हाईकमान ने कड़ा रुख अपनाया है. दिलचस्प बात यह है कि कभी एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे चन्नी और रंधावा अब वड़िंग के खिलाफ एक साथ आ गए हैं.
हाईकमान ने स्पष्ट किया है कि कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं है और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हालांकि, पार्टी ने बीच का रास्ता निकालते हुए यह भी संकेत दिए हैं कि चन्नी और रंधावा जैसे वरिष्ठ नेताओं को मनाने के लिए जरूरत पड़ने पर संगठन में ‘मामूली बदलाव’ किए जा सकते हैं और उन्हें ‘भविष्य के बड़े वादे’ भी दिए जा सकते हैं.
सांसदों की बुलाई बैठक, लक्ष्मण रेखा लांघने पर होगी कार्रवाई
संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले के.सी. वेणुगोपाल पंजाब कांग्रेस के सांसदों की एक विशेष बैठक बुलाने जा रहे हैं. इस बैठक में सभी सांसदों को साफ तौर पर बता दिया जाएगा कि वे बागी सुर अलाप रहे नेताओं को समझाएं कि पार्टी किसी भी दबाव या लॉबिंग के आगे झुकने वाली नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, अगर इसके बाद भी कोई नेता लक्ष्मण रेखा लांघता है, तो पार्टी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगी.
 
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News