Electric Car In India: भारत में इलेक्ट्रिक कार सेक्टर में बड़ा धमाका होने वाला है. इस कारण देसी कार कंपनियां टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा की सिट्टी-पिट्टी गुल है. अगर ऐसा हुआ तो आने वाले वक्त में देश का कार बाजार पूरी तरह बदल जाएगा. इस कंपनी की कारें किफायती होने के साथ-साथ 1000 किमी तक की रेंज की हैं. ऐसे में आने हर किसी की नजर इस कंपनी की ताजा घोषणा पर है.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं चीन की सबसे फेमस इलेक्ट्रिक कार कंपनी बीवाईडी है. बीवाईडी ने कहा है कि वह भारत में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन शुरू करने के लिए इच्छुक है. अगर सभी परिस्थितियां इसके लिए उपयुक्त होती है वह निर्माण यूनिट लगाएगा. कंपनी का यह प्लान लगातार मूल्यांकन के अधीन है, यह बात बीवाईडी इंडिया के इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स (EPV) बिजनेस प्रमुख राजीव चौहान ने कही.
चीन और भारत के बीच राजनीतिक तनाव और वीजा संबंधी समस्याओं के बावजूद कंपनी को भारत में उसके संचालन पर कोई असर नहीं दिखा है. चौहान ने कहा कि कंपनी को भारतीय ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. भारत के कस्टमर बेहद प्रेक्टिकल हैं. ऑटो एक्सपो-2025 के तहत भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो के दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी ने प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी SEALION 7 को पेश किया है. अब वह भारत में और अधिक मॉडल्स के लिए सरकारी मंजूरी हासिल करने पर विचार कर रहे हैं.
सरकारी मंजूरी हासिल करने की कोशिश
चौहान ने कहा कि हमारे प्लान और मैन्युफैक्चरिंग प्लान्स का लगातार मूल्यांकन किया जा रहा है. हम इसके लिए इच्छुक हैं और जैसे ही सभी परिस्थितियां अनुकूल होंगी, हम इसको लागू करेंगे. वर्ष 2023 में BYD की योजना थी कि वह भारत में एक ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करे, लेकिन भारत सरकार ने इस निवेश प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी. चौहान ने कहा कि वर्तमान में कंपनी का भारत में कोई मैन्युफैक्चरिंग कॉन्ट्रैक्ट नहीं है. अभी यह भी नहीं कहा जा सकता कि कंपनी भारत में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन कब शुरू करेगी.
जब चौहान से पूछा गया कि क्या भारत द्वारा चीनी नागरिकों पर लगाए गए वीजा प्रतिबंधों का कंपनी के संचालन पर कोई असर पड़ा है तो उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता. हम भारत में बैठे हैं और यहां भारतीय लोग काम कर रहे हैं. चौहान ने यह भी कहा कि हाल ही में चीन से तकनीकी विशेषज्ञों के लिए वीजा प्रतिबंधों में कुछ ढील दी गई है, जिससे उन्हें उम्मीद है कि वीजा मुद्दे का समाधान हो सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ग्राहक बेहद प्रेक्टिकल हैं. उनका मानना है कि भारतीय ग्राहक अपने वाहन का चयन प्रदर्शन और विश्वसनीयता के आधार पर करते हैं न कि केवल यह सोचकर कि वह वाहन चीनी कंपनी से है. 2024 में BYD इंडिया ने लगभग 3,500 यूनिट्स बेचीं और 2025 के लिए कंपनी का उद्देश्य इससे बेहतर प्रदर्शन करना है. इसके लिए कंपनी भारतीय बाजार में चार मॉडल्स उपलब्ध कराएगी.
सिलियॉन (SEALION) 7 को पेश करने के साथ कंपनी के पास पहले से ही Atto 3, SEAL और eMAX 7 जैसे मॉडल्स उपलब्ध हैं. चौहान ने बताया कि Atto 3 के लिए भारत सरकार से मंजूरी हासिल करने की कोशिश चल रही है. इससे यह पूरी तरह से निर्मित वाहनों (CBUs) की सीमा को हटा देता है. eMAX 7 भी सरकारी मंजूरी हासिल करने प्रक्रिया में है.