महज 3000 के विवाद में क्लब के बाहर चली गोलियां, यूपी रोडवेज की नई सख्त एडवाइजरी | Top 5 Ghaziabad News – nedricknews.com

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Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद आज की बड़ी खबरें जो सीधे तौर पर शहर की सुरक्षा, व्यवस्था और आपके जनजीवन से जुड़ी हैं। हिंडन नदी के उफान की, जिसके चलते करहेड़ा समेत छह कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और परिवारों का पलायन शुरू हो चुका है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बदला मिजाज, जहाँ झमाझम बारिश ने उमस भरी गर्मी से तो राहत दी, लेकिन सुबह-सुबह दफ्तर जाने वालों के लिए मुसीबत भी खड़ी कर दी।
इसके अलावा, यूपी रोडवेज की उन बसों पर प्रशासन का क्या हंटर चला है जो शॉर्टकट के चक्कर में रास्ता भटक जाती थीं, और नगर निगम ने खुले में कचरा फेंकने और जलाने वालों पर कैसे 50,000 तक के भारी जुर्माने का चक्रव्यूह तैयार किया है।
और इंदिरापुरम इलाके की, जहाँ महज 3,000 के मामूली लेनदेन के विवाद में एक नामी क्लब के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग से सनसनी फैल गई। तो चलिए इस लेख के जरिए इन पांचों बड़ी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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गाजियाबाद की पहली खबर हिंडन नदी का बांध टुटने से शहर में जलभराव, हिंडन नदी का बंधा टूटने और जलस्तर अत्यधिक बढ़ने से करहेड़ा और सिटी फॉरेस्ट के आसपास की छह कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं, जिसके कारण प्रशासन ने लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर लोगों से तुरंत घर खाली करने की अपील की है। इस अचानक आई बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में 150 से अधिक घरों में पानी घुस गया है और डरे-सहमे परिवारों ने अपने सुरक्षित ठिकानों या गांवों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नदी के डूब क्षेत्र (फ्लडप्लेन) और उसके बेहद करीब बसी इन कॉलोनियों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। करहेड़ा और न्यू करहेड़ा, सिटी फॉरेस्ट कॉलोनी, शिवम एन्क्लेव, कृष्णा कॉलोनी, उधम सिंह कॉलोनी और नूरनगर-सिंघानी (श्मशान घाट क्षेत्र) है।
नूरनगर-सिंघानी की तरफ नदी का कच्चा तटबंध (बंधा) टूटने से पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में फैल गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हिंडन नदी की समय पर सफाई नहीं हुई। लोहे के पुल के पास भारी मात्रा में जलकुंभी जमा होने से पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया और वह आबादी की तरफ मुड़ गया।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए तुरंत राहत शिविर (रिलीफ कैंप) शुरू कर दिए हैं। एडीएम और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने ऊर्जा निगम कार्यालय और टूटे बंधे का निरीक्षण किया है। सिंचाई विभाग को मिट्टी के टीले और बोरी डलवाकर कटाव रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी मदद नाकाफी देख कृष्णा कॉलोनी जैसे इलाकों में लोगों ने खुद ही जेसीबी और फावड़े उठाकर मिट्टी डालकर पानी रोकने की कोशिश की है।
गाजियाबाद की दूसरी खबर मानसून बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से राहत, दिल्ली-एनसीआर में मानसून की सक्रियता के चलते सोमवार सुबह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है, जिससे लंबे समय से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित इसके प्रमुख एनसीआर क्षेत्रों जैसे नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौसम विभाग ने आगामी 21 और 22 जुलाई के लिए दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के इस नए दौर से दिल्ली में अधिकतम तापमान घटकर 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो बीते रविवार को रिकॉर्ड 38.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सोमवार को बारिश के साथ-साथ सुबह और शाम के समय 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर इसके 40 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
सोमवार सुबह अचानक शुरू हुई तेज बारिश के चलते दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘मध्यम’ श्रेणी (100 से 200 के बीच) में बना हुआ है, जिसमें आने वाले दिनों में और अधिक सुधार होने की उम्मीद है।
गाजियाबाद की तीसरी खबर UPSRTC (उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम) से जहां यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सख्त रुख अपनाते हुए निर्धारित मार्ग से हटकर (रूट डायवर्जन) बस चलाने वाले चालक और परिचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है. निगम द्वारा जारी नई एडवाइजरी के अनुसार, यदि कोई भी रोडवेज बस तय रूट को छोड़कर किसी अन्य रास्ते या बाईपास से जाती पकड़ी गई, तो संबंधित स्टाफ पर सीधी गाज गिरेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परिवहन निगम ने चालकों और परिचालकों की मनमानी रोकने के लिए स्पष्ट बिंदु तय किए हैं। साथ ही किसी भी हाल में प्रतिबंधित या परिवर्तित मार्ग से बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। शहर के यात्रियों को छोड़े बिना या सुविधा के लिए सीधे बाईपास से बसें नहीं निकाली जा सकेंगी। रूट पर पड़ने वाले प्रत्येक अधिकृत स्टॉपेज पर बस रोकना अनिवार्य होगा ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। परिचालकों और चालकों को यात्रियों के साथ शालीन और मधुर व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्ग से न भटकने के आदेश के साथ-साथ निगम ने बसों की दक्षता सुधारने के लिए भी निर्देश दिए हैं। चालकों को बसों का डीजल औसत (माइलेज) सुधारने और ईंधन की खपत कम करने को कहा गया है। यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए दुर्घटनाओं से बचने और निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
हाल ही में सीएम योगी की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उत्तर प्रदेश में यह नियम भी कड़ाई से लागू है कि कोई भी रोडवेज बस मुख्य सड़कों या चौराहों पर अवैध रूप से खड़ी नहीं की जाएगी। सभी बसों को अनिवार्य रूप से केवल अधिकृत बस स्टेशन परिसर के भीतर ही पार्क करना होगा और वहीं से यात्रियों को बैठाना व उतारना होगा। नियम तोड़ने पर बस को सीज करने और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
गाजियाबाद से चौथी खबर नगर निगम विभाग की जहां नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत खुले में कचरा जलाने, फेंकने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाने का अभियान शुरू किया है। इस नियम के तहत सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या घर के बाहर कचरा फेंकने और शादी या पार्टी के बाद सड़क पर गंदगी छोड़ने पर सीधे 5,000 से लेकर 50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि पहली बार पकड़े जाने पर 5,000 और दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10,000 का जुर्माना लगेगा। तीसरी बार में 20,000 जुर्माना और सीधे FIR दर्ज की जाएगी। शादी, जन्मदिन या किसी धार्मिक कार्यक्रम के बाद यदि सड़क या सार्वजनिक स्थान पर कचरा (जैसे डिस्पोजेबल प्लेट, ग्लास) फैला छोड़ा गया, तो आयोजनकर्ता पर 10,000 का जुर्माना लगेगा और सफाई का खर्च भी खुद उठाना होगा। घरों से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग न देने पर पहली बार 1,000, दूसरी बार 5,000 और तीसरी बार 20,000 का जुर्माना लगेगा। साथ ही, दो साल के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में मिलने वाली छूट भी रद्द कर दी जाएगी।
दुकानों या संस्थानों द्वारा नियम तोड़ने पर पहली बार 10,000, दूसरी बार 50,000 और तीसरी बार सीधे 5 लाख का जुर्माना, एफआईआर और ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, शहर के सभी क्षेत्रों में 170 से अधिक सफाई नायकों को मुस्तैद किया गया है ताकि वे मौके पर ही चालान काट सकें।
 
 
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