ब्रह्मांड का बड़ा रहस्य खुला. (Photo/Meta AI)
Universe Missing Matter: सोचिए, आपके घर में 10 चीजें होनी चाहिए, लेकिन आपको सिर्फ 1 ही दिख रही है. बाकी 9 कहां गईं? वैज्ञानिकों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. उन्हें लगता था कि ब्रह्मांड में बहुत ज्यादा ‘सामान्य पदार्थ’ जिससे तारे, ग्रह और हम बने हैं वो होना चाहिए. मगर गैलेक्सियों में उसका सिर्फ छोटा हिस्सा ही दिख रहा था. दशकों से वैज्ञानिक इस बड़े सवाल का जवाब पाने के लिए जूझ रहे थे. लेकिन अब इस रहस्य से पर्दा उठ गया है. Physical Review Letters में प्रकाशित नई स्टडी के मुताबिक, यह ‘गायब मैटर’ कहीं खोया नहीं था, बल्कि आकाशगंगाओं यानी गैलेक्सियों के बाहर उनके बीच फैले खाली अंतरिक्ष में मौजूद है.
वैज्ञानिकों का अनुमान था कि बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा सामान्य मैटर से बना है. लेकिन जब उन्होंने गैलेक्सियों को देखा, तो वहां इसका सिर्फ लगभग 10 प्रतिशत ही मिला. यानी ज्यादातर मैटर ‘गायब’ था. अब पता चला है कि यह मैटर गैलेक्सियों के अंदर नहीं, बल्कि उनके बाहर पतली परत की तरह फैला हुआ है. इतना पतला कि सीधे देख पाना मुश्किल था. यह खोज CHIME/FRB Collaboration (MIT के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में) ने की.
उन्होंने फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRB) नाम के तेज रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल किया, जिनकी खोज 2007 में हुई थी. ये सिग्नल जब पृथ्वी तक आते हैं, तो रास्ते में मौजूद मैटर से गुजरते हुए थोड़ा फैल जाते हैं. वैज्ञानिक इस फैलाव को मापकर यह पता लगाते हैं कि रास्ते में कितना मैटर था. इसके लिए CHIME (Canada) और DESI (Dark Energy Spectroscopic Instrument) के डेटा को मिलाकर हजारों FRB सिग्नल का विश्लेषण किया गया.
स्टडी में सामने आया कि यह गायब मैटर गैलेक्सियों के बाहर बहुत दूर तक फैला है. करीब 40 लाख प्रकाश वर्ष तक. यह दूरी वैज्ञानिकों के पुराने अनुमान से कहीं ज्यादा है. यानी गैलेक्सी के बाहर भी बड़ी मात्रा में पदार्थ मौजूद है, जो पहले दिखाई नहीं दे रहा था.
रिसर्च के मुताबिक, गैलेक्सियों के अंदर होने वाली बेहद ताकतवर घटनाएं.जैसे ब्लैक होल जेट्स और तारों का विस्फोट इस मैटर को बाहर धकेल देती हैं. स्टडी से जुड़े वैज्ञानिक कियोशी मसुई (MIT) के अनुसार, यह मैटर गैलेक्सी से बहुत ज्यादा दूर तक मिला, जो पहले के मॉडल से ज्यादा है. इसका मतलब है कि ये घटनाएं हमारी सोच से कहीं ज्यादा हिंसक और ताकतवर हैं.
यह पहली बार है जब FRB सिग्नल के जरिए इस तरह ‘मिसिंग मैटर’ को ढूंढा गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे और डेटा मिलेगा, यह तरीका और सटीक होगा और ब्रह्मांड के और रहस्य सामने आएंगे.
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नंदन सिंह ने पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2015 में ईनाडु डिजिटल यानी ईटीवी (हैदराबाद) से की. यहां इन्होंने बतौर कॉपी राइटर करीब 10 महीनों तक काम किया. सीखने का सिलसिला आगे बढ़ा और फिर राजस्थान पत्रिका (वाराणसी) में काम करने का मौका मिला. यहां कॉपी एडिटर रहते हुए खबरों को नई धार देना सीखा. नंदन … और पढ़े
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