संसद के मानसून सत्र का अधिकतर समय हंगामे की भेंट चढ़ चुका है. केंद्र और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर रार बनी हुई है. विपक्ष ने पहले पेपर लीक के मामले पर सरकार को घेरा. उसने जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को भी उठाया था. इसके बाद राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर हंगामा हुआ. अब बुधवार (5 अगस्त) को भी लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के आसार हैं.
इस बीच तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर बी. ने लोकसभा महासचिव को पत्र भेजकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. सांसद ने 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की मांग की है.
मणिकम टैगोर बी. ने लोकसभा महासचिव को संबोधित पत्र में लिखा, ‘मैं 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तत्काल सार्वजनिक महत्व के मामले पर चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश करने की अनुमति चाहता हूं. इस घटना से जुड़ी खबरों और आरोपों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए इस्तेमाल किए गए बल के तरीके और उसकी उचित मात्रा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं.’
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है. संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसको विरोध किया था. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा था कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी राम विरोधी हैं.
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया है.
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर कहा, ‘विपक्ष प्रदर्शन क्यों कर रहा है? 13 दिन से रांची में JPSC पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, अभी तक उनके मुख्यमंत्री ने उनसे बात तक नहीं की है. उस पर राहुल गांधी और पूरा विपक्ष चुप है. यहां तो छात्रों के हितों पर प्रधानमंत्री और 2-2 वरिष्ठ मंत्रियों ने बात की और मांग को मान लिया गया, जान बूझकर विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा है.’
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