भारत-पाकिस्तान की सरहद पर स्थित वाघा-अटारी बॉर्डर पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बार फिर हिंद-पाक दोस्ती और आपसी भाईचारे का संदेश देखने को मिला। इस मौके पर दोनों देशों के लोगों के बीच शांति, सद्भाव और बेहतर रिश्तों की उम्मीद को लेकर विशेष कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग अटारी बॉर्डर पर पहुंचे। हाथों में तिरंगा और भारत-पाकिस्तान की दोस्ती का संदेश लिए लोगों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। रात 12 बजे बॉर्डर परिसर का माहौल देशभक्ति और भाईचारे के रंग में रंग गया।
मोमबत्तियां जलाकर मांगी अमन और शांति
कार्यक्रम में मोमबत्तियां जलाकर दोनों देशों के बीच शांति और अमन की कामना की गई। लोगों ने कहा कि सरहदें भले ही दो देशों को अलग करती हों, लेकिन दोनों तरफ रहने वाले लोगों की भावनाओं में इंसानियत, रिश्ते और शांति की चाह एक जैसी है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने और दोनों देशों के रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद जताई।
वहीं बॉर्डर पर पहुंचीं स्मृति राज ने कहा कि हम चाहते हैं कि एक बार फिर भारत और पाकिस्तान एक हो जाएं, क्योंकि दोनों देशों के लोगों के बीच बहुत कुछ साझा है। उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान की कई चीजें अच्छी लगती हैं और वहां के लोगों को भी भारत की संस्कृति और यहां की कई चीजें पसंद हैं।
इसी मौके पर दिल्ली से पहुंचीं प्रज्ञा ने कहा कि हम मानते हैं कि पाकिस्तान के लोग हमारे दुख-सुख में शामिल होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हमें खुशी होगी अगर भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ती और भाईचारा हमेशा कायम रहे।
वाघा-अटारी बॉर्डर बना शांति और दोस्ती का प्रतीक
वाघा-अटारी बॉर्डर पर होने वाला यह आयोजन हर साल दोनों देशों के बीच दोस्ती और शांति का प्रतीक बनकर सामने आता है। यहां पहुंचने वाले लोग सिर्फ देशभक्ति का जज्बा ही नहीं दिखाते, बल्कि यह संदेश भी देते हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत और आपसी समझ से शांति का रास्ता निकाला जा सकता है।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.