प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत औरंगाबाद जिले के सभी अधिसूचित 1,951 टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित नगर भवन में स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्
कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी ने प्रभारी मंत्री को पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ की। विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह और कुटुंबा विधायक ललन राम का भी सिविल सर्जन की ओर से पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। इस दौरान टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने की पहल को बीमारी के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि यह केवल पोषण किट वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि टीबी के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने के लिए विभिन्न चरणों में व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
24 मार्च 2026 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करना तथा बीमारी को लेकर लोगों में मौजूद भय और संकोच को दूर करना है। उन्होंने कहा कि टीबी से मुक्ति के लिए केवल दवा और चिकित्सा उपचार पर्याप्त नहीं है। मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त पोषण, परिवार का सहयोग, सामाजिक समर्थन और लगातार प्रोत्साहन भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से निक्षय मित्रों एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से मरीजों को पोषण सहायता दी जा रही है।
विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने जिले में टीबी उन्मूलन अभियान की उपलब्धियों को उत्साहवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार के साथ मरीजों को पोषण उपलब्ध कराना अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। कुटुंबा विधायक ललन राम ने कहा कि टीबी का समय पर पता चलने और नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए आमलोगों से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, सिविल सर्जन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, डीपीएम स्वास्थ्य मोहम्मद अनवर आलम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मी, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं और बड़ी संख्या में टीबी मरीज मौजूद रहे।
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