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मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय में मोहन टॉकीज क्षेत्र में एक विवाहिता की एसिड पीने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की हो गई. मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. परिजनों की शिकायत के बाद एसडीएम के आदेश पर एक दिन पहले दफनाए गए शव को कब्रिस्तान से बाहर निकाला गया.
तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पंचनामा तैयार किया गया और फिर शव को पोर्सटमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. शव का पोस्टमार्टम किया गया. पुलिस ने मामले में गहनता से जांच शुरू कर दी है. मृतका की पहचान नीलोफर के रूप में हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही उनकी मौत के असल कारणों का पता चल पाएगा.
नीलोफर के भाई फरहान शेख और मां आयशा ने बताया कि शनिवार दोपहर तकरीहन डेढ़ से दो बजे के बीच उन्हें सूचना मिली कि नीलोफर ने एसिड पी लिया है. परिजनों ने बताया कि उसे फौरन इलाज के लिए इंदौर के अस्पताल ले जाया गया. लेकिन कसरावद गांव के पास उनकी मौत हो गई.
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नीलोफर के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल में उन पर दबाव बनाया गया और कुछ कागजी हस्ताक्षर कराए गए. परिजनों का ये भी आरोप है कि पोस्टमार्टम किए बिना ही शव को घर ले जाया गया और बाद में दफन कर दिया गया. पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की जांच करेगी.
कोतवाली सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिरसाठ ने बताया कि रविवार को एसडीएम के आदेश पर कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. इस दौरान तहसीलदार जागर रावत और थाना प्रभारी बीएल मंडलोई भी मौजूद थे. नीलोफर के मायके पक्ष का कहना है कि ससुराल पक्ष ने जल्दीबाजी में शव को दफन कर दिया. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच करेगी.
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