अभिजीत दीपके यानी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने खुलकर राजनीति के पसंदीदा चेहरों पर बात कही है। हाल ही में एक कार्यक्रम में उन्होंने फेवरेट मुख्यमंत्रियों और नेताओं की लिस्ट पेश की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि जंतर-मंतर पर घायल हुए पुलिसकर्मियों को भी सरकार की तरफ से मुआवजा मिलना चाहिए। खास बात है कि सीजेपी ने 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च का ऐलान किया है।
न्यूज24 के कार्यक्रम में सीजेपी के टॉप लीडर्स दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास पहुंचे थे। चर्चा के दौरान एक रैपिड फायर राउंड शुरू हुआ, जिसमें जल्दी जवाब देने थे। पहला सवाल किया गया कि ‘देश का बेस्ट प्राइम मिनिस्टर अब तक का आप किसे मानते हैं?’ इसपर दीपके ने जवाब दिया कि जवाहरलाल नेहरू। साथ ही रांका और दास ने भी इसपर सहमति जताई।
सवाल किया गया कि देश का बेस्ट चीफ मिनिस्टर अब तक का आप किसे मानते हैं? CJP फाउंडर ने जवाब दिया, ‘ऐसे तो कई सारे रहे हैं फिर।’ उन्होंने कहा, ‘एमके स्टालिन, इकोनॉमी काफी अच्छी की थी उन्होंने। एक वह हो गए। पिनराई विजयन ने केरल में एजुकेशन मॉडल हेल्थ केयर मॉडल काफी अच्छा किया था।’
उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी ने भी काफी काफी अच्छा काम किया था स्कूल और हेल्थ केयर का तो कई सारे। मैं ईमानदारी से कहूंगा कि अच्छा किया है तो किया है।’
दीपके ने कहा, ‘दुर्भाग्य से मुझे ऐसा नहीं लगता। क्योंकि मुझे लगता है कि हमारे देश में लाइक प्राइमरी एजुकेशन पर किसी ने भी फोकस नहीं किया उसी की वजह से जो हमें स्कूल्स दिख रहे हैं ना सोशल मीडिया पर।’
रांका ने कहा, ‘हमको पता ही नहीं है इस देश में कौन-कौन एजुकेशन मिनिस्टर है क्योंकि क्योंकि उसको एकदम से इररेलीवेंट पोस्ट माना गया है। कई स्टेट्स में अभी भी एजुकेशन मिनिस्ट्री को पनिशमेंट पोस्टिंग माना जाता है। आप जनता से पूछिए आधे लोगों को पता नहीं होगा उनके स्टेट्स के एजुकेशन मिनिस्टर कौन हैं?’
CJP ने पांच सितंबर को दिल्ली में विरोध मार्च निकालने का सोमवार को आह्वान किया। संगठन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ 36 दिन तक चले आंदोलन को वापस लेने के लिए 25 जुलाई को किए गए वादों को पूरा नहीं किया। पार्टी के एक बयान के अनुसार, शिक्षक दिवस पर होने वाला मार्च इंडिया गेट से शुरू होगा और दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर जाएगा।
CJP ने कहा कि मार्च का नेतृत्व उन छात्रों के परिजन करेंगे, जिन्होंने नीट परीक्षा रद्द होने और उसके बाद दोबारा परीक्षा कराए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती का सामना करने वाले छात्रों के परिजन भी मार्च में शामिल होंगे।
निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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