भारत का रुख देख सहमा पाकिस्तान, जिनपिंग और पुतिन के सामने सिंधु का पानी मांगा – Hindustan

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पानी इस क्षेत्र की ‘जीवन-रेखा’ है और इसका इस्तेमाल कभी भी दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी भारत द्वारा स्थायी मध्यस्थता अदालत के उस आदेश को खारिज करने के एक दिन बाद आई है, जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने के भारत के फैसले को रद्द कर दिया गया था। भारत का कहना है कि ”गैर-कानूनी तरीके से गठित” इस संस्था को नयी दिल्ली के संप्रभु फैसलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरीफ ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र ‘स्थायी शांति के बिना अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकता।’ उन्होंने सिंधु जल संधि के मुद्दे पर कहा, ‘पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा है। यह लाखों लोगों के जीवन के लिए जरूरी है, यह हमारी जमीन को उपजाऊ बनाता है और हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करता है।’
शरीफ ने कहा कि ‘इसका इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए, न तो इसका इस्तेमाल दबाव डालने के लिए किया जा सकता है और न ही राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।’
भारत ने पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के तुरंत बाद दंडात्मक कूटनीतिक कार्रवाई के तहत सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था।
शरीफ ने कहा, ‘हमारे साझा जल संसाधनों को नियंत्रित करने वाली संधियां गंभीर और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं। ये राजनीतिक सुविधा के मामले नहीं हैं जिन्हें अपनी मर्जी से दरकिनार किया जा सके। इनका बिना किसी शर्त के पालन किया जाना चाहिए।’
पाकिस्तान ने इस साल मार्च में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत का रुख किया था ताकि संधि की स्थिति तय की जा सके, हालांकि असल में यह कदम भारत की कार्रवाई को चुनौती देने जैसा था।
आतंकवाद के मुद्दे पर शरीफ ने कहा कि यह ‘सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है, जिसने हमारे पूरे क्षेत्र को अलग-अलग तरह से प्रभावित किया है।’ शरीफ ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए एक वीडियो क्लिप में शरीफ को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करते देखा गया। उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन के साथ बैठे भी देखा गया।
प्रधानमंत्री ने ईरान, उज़्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और बेलारूस के राष्ट्रपतियों के साथ अनौपचारिक बैठकें भी कीं। पाकिस्तान 2026-27 के लिए एससीओ की राष्ट्राध्यक्ष परिषद (सीएचएस) की अध्यक्षता संभालने वाला है और अगले साल होने वाले सीएचएस शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस्लामाबाद करेगा।
निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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