विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा एक मंदिर के उद्घाटन …और पढ़ें
एफिल टॉवर विवाद पर भारत ने जारी किया बयान (फोटो- एक्स)
प्रतिनिधियों के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को हटाने पर विवाद, बंद रहा एफिल टावर
कंपनी ने कहा कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया था
बीएपीएस की ओर से इस घटना के लिए खेद जताया गया
डिजिटल डेस्क, लंदन। एफिल टावर विवाद पर भारत ने अपना बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह पेरिस में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था द्वारा मंदिर के उद्घाटन और एफिल टॉवर पर बीएपीएस प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के कारण हुए विवाद से अवगत है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा एक मंदिर के उद्घाटन की जानकारी है। टावर से संबंधित विशेष मुद्दे के बारे में, यह पूरी तरह से संबंधित संस्थाओं का निजी मामला है।
फ्रांस में पेरिस के मशहूर एफिल टावर को सोमवार को (स्थानीय समय) एक दिन के लिए बंद करना पड़ा, क्योंकि हिंदू प्रतिनिधियों के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
इसे लेकर वहां काम करने वाले स्टाफ हड़ताल पर चले गए। यह घटना शनिवार की है, जब बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था से जुड़े करीब 100 लोग यहां आए थे। संगठन के प्रतिनिधि पेरिस के पास अपने पहले बड़े मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए फ्रांस आए थे।
एफिल टावर के कर्मचारियों ने उन निर्देशों की निंदा की, जिनके कारण महिला कर्मचारियों को उनकी लैंगिक पहचान के आधार पर कार्यस्थल से अलग रखा गया और उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को लाया गया।
एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी ‘सोसिएते डी’एक्सप्लायटेशन डे ला टूर एफिल’ ने माना कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया था कि उसके दौरे का आयोजन इस तरह किया जाए कि महिलाओं से संपर्क यथासंभव सीमित रखा जा सके। कंपनी ने कहा कि इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था।
पेरिस स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर ने इस घटना के लिए खेद जताया और कहा कि वह इसे लेकर उठाई गई चिंताओं को समझता है तथा उन्हें बहुत गंभीरता से लेता है।
यह दौरा एफिल टावर की टीम के साथ समन्वय करके आयोजित किया गया था, ताकि अन्य पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो। वहीं, पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने कहा कि कर्मचारियों का गुस्सा जायज है। क्या हुआ था, इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू की जाएगी।