भारत विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित नेपाल को लगातार सहायता भेज रहा है, जिसमें हाल ही में 35 टन राहत सामग्री शामिल है।
भारत ने नेपाल को 35 टन राहत सामग्री और उपकरण भेजे
भारत ने नेपाल को 35 टन राहत सामग्री और उपकरण भेजे
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,365 तक पहुंची
भारत ने बचाव और फोरेंसिक टीमें भी नेपाल भेजी हैं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित नेपाल के लिए भारत लगातार मदद भेज रहा है। इस हिमालयी देश की सहायता के लिए भारत ने बुधवार को एक और खेप भेजी। इसमें 35 टन राहत सामग्री और उपकरण हैं, जिन्हें सी-17 परिवहन विमान से नेपाल भेजा गया। इधर, नेपाल में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,365 हो गई है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेजी थी।
तब से भारत की ओर से नेपाल के लिए आवश्यक दवाओं समेत राहत सामग्री की कई खेप भेजी जा चुकी है। एक भारतीय टनल बचाव टीम भेजी गई है, जो नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा शवों की पहचान के लिए एक फारेंसिक टीम भी भेजी गई है।
काठमांडू, प्रेट्र: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1,365 हो गई। नेपाल पुलिस के न्यूज बुलेटिन के अनुसार, राहत और बचाव टीमें 589 विदेशियों समेत लापता 5,326 लोगों की तलाश में जुटी हैं।
इधर, नेपाली संसद की एक सात सदस्यीय उपसमिति बनाई गई है, जो बाढ़ का देश की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव का आकलन करेगी ओर जलवायु वित्त से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करेगी।
जबकि नेपाली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेट मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठे और निरोधार दावों के प्रति सावधान रहें। इस बीच, श्रीलंका ने नेपाल को दस लाख डालर की सहायता दी। रायटर के अनुसार, नेपाल की सेना बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में ड्रोन का भी उपयोग कर रही है।