हिंदी पखवाड़ा के तहत किसान कॉलेज के बीसीए सभागार में हिंदी विभाग के तत्वावधान में भारतेंदु जयंती सह काव्य-पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत हिंदी साहित्य के युगप्रवर्तक साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पां
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिवांशु कुमार ने कहा कि भारतेंदु हिंदी नवजागरण के अग्रदूत थे। उन्होंने हिंदी साहित्य को नई दिशा, नई दशा दी। काव्य-पाठ प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों की रचनात्मक क्षमता को निखारती हैं। ये भावाभिव्यक्ति का अवसर भी देती हैं। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बेबी कुमारी ने कहा कि भारतेंदु ने हिंदी साहित्य को आधुनिक चेतना दी। उन्होंने भाषा को जन-जागरण, सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया। उनके साहित्य में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार स्पष्ट दिखाई देते हैं। नालंदा कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कुमारी चंपा ने कहा कि भारतेंदु एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक युग थे। प्रो. रवीन्द्रनाथ नाथ सिंह ने उनके हिंदी प्रेम को याद किया। डॉ. बलजीत बिहारी ने पत्रकार भारतेंदु के योगदान पर चर्चा की।
प्रतियोगिता में करीब 35 छात्र-छात्राओं ने कविता, हास्य-व्यंग्य, गजल, गीत सहित विभिन्न विधाओं में प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभागार देर तक काव्य-रस से गूंजता रहा। निर्णायक मंडल में डॉ. कुमारी चंपा, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, उर्दू विभागाध्यक्ष शमसी आलम शामिल थे।
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