नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शुक्रवार को रक्सौल स्थित सीमा शुल्क एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) का दौरा किया।
वे 11 सितंबर 2026 को दोपहर करीब तीन बजे नेपाल से भारत पहुंचे। आईसीपी पहुंचने पर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद मुख्य भवन में हुई बैठक में उन्होंने अधिकारियों और अलग-अलग विभागों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
मीटिंग में रक्सौल सीमा शुल्क के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार, अधीक्षक, निरीक्षक, भारतीय भू-सीमा प्राधिकरण, सशस्त्र सीमा बल, पादप संगरोध, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और नेपाल स्थित एकीकृत जांच चौकी के अधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बेहतर तालमेल और सहयोग की जरूरत
अपने संबोधन में राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत और नेपाल के बीच पुराने दोस्ताना संबंधों का जिक्र किया।
उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को और आसान, पारदर्शी और असरदार बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के व्यापारिक संबंध सिर्फ दोनों देशों की आर्थिक तरक्की के लिए जरूरी नहीं हैं, बल्कि इससे आपसी रिश्ते भी मजबूत होते हैं।
राजदूत ने सीमा पर काम कर रहे अलग-अलग विभागों और संबंधित लोगों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग की जरूरत बताई।
बॉर्डर मैनेजमेंट से संबंधित इंतजामों की दी जानकारी
उन्होंने कहा कि सीमा से व्यापार और आवागमन को आसान बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि व्यापारियों और मालवाहक वाहनों को बेवजह परेशानी न हो।
मीटिंग के दौरान सीमा शुल्क, आयात-निर्यात, मालवाहक वाहनों की आवाजाही और सीमा पर उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर भी बात हुई।
अधिकारियों ने राजदूत को रक्सौल आईसीपी के जरिए होने वाली व्यापारिक गतिविधियों और सीमा प्रबंधन से संबंधित इंतजामों की जानकारी दी।
राजदूत के इस दौरे को भारत-नेपाल के व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
रक्सौल-बीरगंज सीमा दोनों देशों के बीच व्यापार का मुख्य रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में सामान आता-जाता है।
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