Ranchi News: सेविकाओं ने बकाया पोषाहार की मांगी राशि – Hindustan

Ranchi News: खूंटी, संवाददाता। जिले की आंगनबाड़ी सेविकाओं को पिछले सात माह से पोषाहार की राशि नहीं मिलने से केंद्रों के संचालन में परेशानी हो रही है। राशि के अभाव में सेविकाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए भोजन पकाकर परोसना बंद कर दिया है। शुक्रवार को इसके विरोध में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने कचहरी मैदान में बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की और राशि का भुगतान होने तक पोषाहार भोजन नहीं बनाने का निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता संघ की जिलाध्यक्ष जयवंती नाग ने की। उन्होंने कहा कि पोषाहार की राशि समय पर नहीं मिलती है। इसके अलावा बाजार मूल्य की तुलना में सरकारी दर भी कम है। उन्होंने कहा कि सितंबर माह से पोषाहार की राशि लंबित है। सेविकाओं को आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के साथ बीएलओ का काम भी करना पड़ रहा है। समय-समय पर निजी संस्थाओं व एनजीओ के माध्यम से सरकारी योजनाओं में सहयोग का कार्य भी कराया जाता है। इसके बावजूद कई सेविकाओं को अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर काम करना पड़ता है।

जिला सचिव रेखा देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को कम मानदेय में कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। पोषाहार की सामग्री खरीदने के लिए कई बार स्वयं राशि खर्च करनी पड़ती है, लेकिन महीनों बाद भी भुगतान नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि वाउचर में कटौती कर राशि का भुगतान किया जाता है। इससे सेविकाएं आर्थिक शोषण का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पोषाहार की लंबित राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाया जाएगा।

पुष्पा तिग्गा ने कहा कि उपमा और पंजीरी के पैकेट समय पर निर्गत किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को निर्धारित समय पर पोषाहार उपलब्ध कराया जा सके। कुंती देवी ने कहा कि यदि विभाग राशि उपलब्ध नहीं करा सकता है, तो पदाधिकारी स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार उपलब्ध कराएं। बैठक में संघ की जिला सचिव रेखा देवी, कोषाध्यक्ष कार्मेला तोपनो, कर्रा प्रखंड अध्यक्ष सुशीला पूर्ति, प्रखंड अध्यक्ष गुलनाज प्रवीण, प्रखंड सचिव शामली देवी, कोषाध्यक्ष आशा देवी, पुष्पा तिग्गा, शांति केरकेट्टा, कुंती देवी सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका उपस्थित थीं।

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