डीडवाना के राजकीय बांगड़ कॉलेज में हिंदी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र, शिक्षक और स्टाफ सदस्य शामिल हुए। वक्ताओं ने हिंदी भाषा के महत्व, इसकी समृद्ध साहित्य परंपरा और दुनिया भर में बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार रखे।
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि खुद को जाहिर करने का एक मजबूत जरिया है। हिंदी साहित्य बहुत समृद्ध है।
उन्होंने बताया कि वैश्वीकरण के इस दौर में इंटरनेट और सिनेमा जैसे माध्यमों से हिंदी का प्रचार-प्रसार विश्व स्तर पर हुआ है और इसकी पहुंच लगातार बढ़ रही है।
हिंदी विभागाध्यक्ष हिमानी पारीक ने कहा कि हिंदी देश का प्राण है और राष्ट्रवाद की भावना का मजबूत प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है।
कार्यक्रम में कई फैकल्टी सदस्यों ने भाषा की पीढ़ी-दर-पीढ़ी निरंतरता और उसके सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाषा सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है।
हिंदी दिवस पर छात्रों के लिए कई प्रतियोगिताएं रखी गईं। इनमें विचार गोष्ठी, काव्य गोष्ठी, निबंध लेखन, वाद-विवाद, श्रुतलेखन और हिंदी टंकण शामिल थे।
निबंध प्रतियोगिता में हर्षवर्धन सिंह राठौड़ पहले और दीपक नाथ दूसरे स्थान पर रहे। विचार गोष्ठी में तमन्ना बानो ने पहला और कुलदीप शर्मा ने दूसरा स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम के आखिर में हिंदी के सहायक आचार्य फतेह सिंह चारण ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपनी लिखी एक रचना सुनाई। कॉलेज परिवार ने हिंदी भाषा के प्रति सम्मान दिखाते हुए इसके प्रचार-प्रसार और संरक्षण का संकल्प लिया।
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