नई दिल्ली, विशेष संवाददाता।
देश में सड़क सुरक्षा और हरित परिवहन को लेकर अब सरकारी अफसर खुद सड़क पर उतरकर लोगों को संदेश देंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की पहल पर यूथ सेफ्टी एंड स्मार्ट मोबिलिटी एक्सपीडिशन-2026 आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के तहत 25 और 26 सितंबर को दिल्ली से चंडीगढ़ और वापस दिल्ली तक 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा इलेक्ट्रिक वाहनों से की जाएगी।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभियान केवल जागरुकता यात्रा नहीं होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा, युवाओं की भागीदारी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक साथ जोड़ने का देशव्यापी प्रयोग होगा। इसका महत्व इसलिए भी है कि सड़क सुरक्षा नीति बनाने वाले अधिकारी खुद ड्राइविंग प्रशिक्षण और लंबी दूरी के ईवी सफर का अनुभव करेंगे। इससे भविष्य की नीतियों में चार्जिंग नेटवर्क, यात्रा समय, रेंज, सड़क डिजाइन और आपात सहायता जैसे व्यावहारिक पहलुओं को बेहतर ढंग से शामिल किया जा सकेगा। इसमें सरकारी अधिकारी, नीति निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और युवा एक ही अभियान का हिस्सा बनेंगे। अधिकारियों को यात्रा के लिए अपनी इलेक्ट्रिक कार लानी होगी, ताकि नीति बनाने वालों को ईवी से लंबी दूरी के सफर का प्रत्यक्ष अनुभव मिल सके। अभियान की थीम राष्ट्रीय उद्देश्य में निहित, युवा शक्ति द्वारा संचालित और इलेक्ट्रिक वाहन द्वारा सशक्त रखी गई है। इसका लक्ष्य युवाओं में जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार विकसित करना, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यवहारगत बदलाव लाना और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा बढ़ाना है।
यात्रा के दौरान दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में युवाओं के साथ संवाद और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सत्रों में हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, तेज गति से बचने, नशे में वाहन न चलाने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार जैसे विषयों पर चर्चा होगी। युवाओं को केवल सड़क सुरक्षा का संदेश देने के बजाय उन्हें इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा। युवा संस्थानों और समुदायों में सुरक्षित ड्राइविंग और स्वच्छ परिवहन का संदेश आगे ले जाएंगे।
अभियान के दौरान हरियाणा के करनाल स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) में अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों के लिए सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित होगा। यहां प्रतिभागियों को सुरक्षित ड्राइविंग, जोखिम की पहचान, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और यातायात नियमों के व्यावहारिक पालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ईवी को लेकर आम लोगों की सबसे बड़ी चिंताओं में लंबी दूरी, चार्जिंग सुविधा और रास्ते में वाहन रुक जाने का डर शामिल है। सरकारी अधिकारियों और नीति निर्माताओं की ओर से दिल्ली-चंडीगढ़ जैसे व्यस्त कॉरिडोर पर ईवी यात्रा इन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास होगी।
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