स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड के लिए जरूरी होगा BIS रजिस्ट्रेशन, बिना सर्टिफाइड और घटिया गार्ड मार्केट से होंगे बैन! – bis registration mandatory for smartphone screen guards in india – Jagran

केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड्स के लिए BIS रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा।
स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड्स के लिए BIS रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
स्क्रीन गार्ड्स के लिए BIS रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य होगा।
यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाएगा।
ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड्स मिलेंगे।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्टफोन की डिस्प्ले को प्रोटेक्ट करने के लिए हम सभी स्क्रीन गार्ड्स का इस्तेमाल करते हैं। इन स्क्रीन गार्ड्स की क्वालिटी को और बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। भारत सरकार ने स्क्रीन गार्ड्स के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड (BIS) रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया है। इसका असर बाजार में बिकने वाले खराब क्वालिटी वाले स्क्रीन गार्ड्स पर देखने को मिलेगा। अब बीआईएस टेस्ट में पास हुए स्क्रीन गार्ड्स ही मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।
स्मार्टफोन के स्क्रीन गार्ड्स के लिए तय किए गए BIS के नए मानक 1 अप्रैल 2027 से देशभर में लागू कर दिए जाएंगे। यानी इसके बाद तय मानकों पर खरे उतरने वाले ही स्क्रीन गार्ड बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को होगा। बाजार से सस्ते और जल्दी टूटने वाले स्क्रीन गार्ड्स गायब हो जाएंगे और अच्छी क्वालिटी के डिस्प्ले प्रोटेक्शन गार्ड मार्केट में उपलब्ध होंगे, जिससे यूजर्स के स्मार्टफोन की डिस्प्ले सुरक्षित रहेगी।
अब तक स्क्रीन गार्ड बनाने वाली कंपनियां अपने प्रोडक्ट बिना टेस्टिंग के बिक्री के लिए उपलब्ध करवा देती हैं। नए नियमों के बाद इन कंपनियों को प्रोडक्ट का बीआईएस लैब में टेस्ट करना अनिवार्य होगा। बिना बीआईएस मार्क के स्क्रीन गार्ड मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। अगर कोई दुकानदार बिना सर्टिफिकेशन वाला सामान बेचता है, तो दुकानदारों, इंपोर्ट्स और मैन्युफैक्चरर्स पर जुर्माना और माल जब्ती की कार्रवाई भी हो सकती है।
यह भी पढ़ें – टूटे हुए स्क्रीनगार्ड के साथ फोन क्यों नहीं चलाना चाहिए? एक गलती पड़ सकती है भारी
नियम लागू हो जाने के बाद बाजार में बिकने वाले स्क्रीन गार्ड के पैकेट पर BIS का ISI मार्क और रजिस्ट्रेशन नंबर प्रिंट होगा। यूजर्स BIS केयर एप से इस नंबर को वेरिफाई कर पाएंगे। इससे वे पता कर पाएंगे कि जो गार्ड वे खरीद रहे हैं वह सर्टिफाइड है या नहीं। इससे बिना रजिस्ट्रेशन वाले लोकल और चाइनीज गार्ड की बिक्री कम हो सकती है।
BIS सर्टिफाइड स्क्रीन गार्ड की कीमत बाजार में अभी मिलने वाले स्क्रीन गार्ड से ज्यादा होगी। इन कंपनियों को BIS लैब से टेस्टिंग कराने, सर्टिफिकेशन का शुल्क देना होगा। इसके साथ ही क्वालिटी सुधारने के लिए अच्छे मेटेरियल का इस्तेमाल करना होगा, जिससे स्क्रीन गार्ड्स की कीमत 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
यह भी पढ़ें- क्या iPhone पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाना है गलत? Apple के बड़े अधिकारी ने दिया जवाब

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News