नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है, राज्य सरकार ने पांच …और पढ़ें
कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला।
नंदीग्राम उपचुनाव कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को गिरफ्तारी से राहत मिली।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कार्रवाई न करने का आदेश दिया।
पांच अन्य मामलों में मिलन प्रधान के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को फिलहाल पांच अन्य मामलों में गिरफ्तारी का खतरा नहीं है। मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में राज्य ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में मिलन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इसके बाद न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत ने भी फिलहाल कोई निर्देश देने की जरूरत नहीं बताई। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। मालूम हो कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त होगा और मतदान छह अक्टूबर को होना है।
मिलन ने इन पांच मामलों में गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए कोर्ट का रुख किया था। उनके अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने कहा कि 18 सितंबर को 2007 के पुराने मामले के वारंट पर मिलन को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने चुनाव से ठीक पहले 17 साल पुराने वारंट को लागू किए जाने पर सवाल उठाया।
राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) राजदीप मजुमदार ने कहा कि वारंट 2007 का ही है और चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के तहत केवल मिलन ही नहीं, अन्य लोगों के खिलाफ लंबित वारंट भी लागू किए गए हैं।
बाकी पांच मामलों में मिलन मुख्य आरोपित नहीं हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मिलन को हल्दिया अनुमंडल अदालत ने तीन अक्टूबर और कांथी अदालत ने पांच अक्टूबर तक जेल हिरासत में भेजा है।