पंजाब में कबड्डी के जाने-माने कबड्डी खिलाड़ी जग्गू ने आधी रात को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लाइव वीडियो जिसमें वो फूट-फूट कर रोते हुए नजर आए। करीब 4:50 मिनट के इस लाइव वीडियो को उन्होंने दो हिस्सों में शेयर किया। इस वीडियो में उन्होंने भारी हंगामे
आखिर मैच में हुआ क्या था?
दरअसल बघियाने में एक कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था जिसके सेमीफाइनल मैच के दौरान भारी बवाल हो गया। विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि अंपायरिंग कर रहे रेफरी ने जग्गू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बात यहां तक पहुंच गई कि कमेंटेटर ने भरे ग्राउंड में माइक पर यह घोषणा कर दी कि सिर्फ एक खिलाड़ी (यानी जग्गू) के कारण रेफरी अपनी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। सरेआम हुए इस अपमान ने जग्गू को अंदर तक तोड़ दिया।
वीडियो में जग्गू ने क्या कहा?
जग्गू ने अपने इंस्टाग्राम लाइव में अपना दर्द बयां करते हुए ये बातें कहीं:
हेलो। हांजी सत श्री अकाल भाई सभी को। एक छोटी सी बात करनी थी भाई आपके साथ। आज भाई टूर्नामेंट पे बघियाने में जो हुआ ना, गलती हुई, रौला (हंगामा) हुआ, मैच खराब हुआ। बहुत गलत हुआ भाई। और आज भाई रेफरी भगवान होते हैं ना भगवान का ही फैसला था। मैं आज के बाद पंजाब में कबड्डी नहीं खेलेगा। आज के बाद मैं पंजाब के टूर्नामेंट नहीं खेलता। सॉरी भाई सभी को। धन्यवाद भाई।
दूसरी वीडियो में
हेलो। हांजी भाई पहले मैं लाइव आया था ना भाई। उस वक्त नेटवर्क मैंने पीछे एक वीडियो डाली है पर उसमें नेटवर्क कम हो गया था, इसलिए वो आपके पास पूरी नहीं आई, आधी बीच में से ही कट गई थी। थोड़ी सी ही बात थी उसमें ना भाई, कि रेफरी भगवान होते हैं। कि रेफरी का फैसला, भगवान का फैसला होता है, जिसको कोई नहीं टालता। सेमीफाइनल मैच में, मैं सबसे पहले ही ग्राउंड से बाहर आ गया था।
और वहां कमेंटेटर भाई ने बोला कि एक प्लेयर के कारण रेफरी, रेफरीइंग नहीं कर रहे हैं। रेफरीइंग नहीं कर रहे, ऐसी बात हो गई ना। मैंने अपनी टी-शर्ट उठाई, पहन कर ग्राउंड में माथा टेक कर भाई मैं बाहर आ गया। कि भाई भगवान का फैसला है ना, इसको कौन बदल सकता है। (नेटवर्क चेक करते हुए) हेलो, आ रही है भाई आवाज़
हां भाई, मैं यही बात कर रहा था ना,कि रेफरी का फैसला भगवान का फैसला समझ केकि उन्होंने रेफरीइंग नहीं करनी क्योंकि मैं लड़ाई करता हूं, हो जाती है ना। कि मेरे कारण रौला (हंगामा) पड़ जाता है। इस कारण भाई मैंने यही कहा था पिछली वीडियो में कि मुझे सब कुछ भाई पंजाब की कबड्डी ने दिया है ना।
और जो भी मेरे पास है, एक-एक चीज़ मुझे पंजाब की कबड्डी ने दी है भाई। और कल को मैं किसी और टूर्नामेंट पे जाऊं, किसी टीम से पैसे लेकर खेलूं, और वहां रेफरी कहें कि ‘जग्गू खेल रहा है हम रेफरीइंग नहीं करेंगे’। कि भगवान कह रहे हैं कि ‘हम रेफरीइंग नहीं करेंगे अगर जग्गू खेलेगा’।
तो यही बात बोली थी भाई मैंने पिछले लाइव में, पर वहां नेटवर्क कट गया था। कि आज के बाद आपका ये भाई पंजाब की कबड्डी नहीं खेलेगा। मैं आप सभी से माफ़ी मांगता हूं। कि आज मैंने ये फैसला लिया है। मैं किसी और का टूर्नामेंट नहीं खराब करना चाहता। ना किसी की टीम खराब करना चाहता हूं। आज के बाद आपका ये भाई पंजाब में कबड्डी नहीं खेलेगा। धन्यवाद भाई। थैंक यू सभी का।
7 महीने पहले घर टूटने के समय भी छलके थे आंसू
जग्गू के लिए यह साल बहुत ही उतार-चढ़ाव और मुश्किलों भरा रहा है। आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब जग्गू यूं सबके सामने इस तरह से टूट गए हों। आज से ठीक 7 महीने पहले, मानसा में उनके घर को तोड़े जाने को लेकर भी एक बड़ा प्रशासनिक और सियासी विवाद खड़ा हुआ था। उस वक्त भी अपने घर पर हुई इस कार्रवाई को लेकर जग्गू का दर्द छलक पड़ा था और उनके रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
उस पुरानी घटना और नुकसान के गहरे सदमे से जग्गू अभी पूरी तरह से बाहर भी नहीं आ पाए थे कि अब खेल के मैदान में साथी अंपायरों द्वारा किए गए इस बॉयकॉट ने उन्हें भीतर तक हिला कर रख दिया है। आधी रात को दिए गए इस भावुक बयान के बाद से सोशल मीडिया पर कबड्डी प्रेमी जग्गू के समर्थन में उतर आए हैं। अब देखना यह होगा कि खेल विभाग और टूर्नामेंट के आयोजक इतने बड़े खिलाड़ी के इस तरह रोते हुए संन्यास जैसे ऐलान पर क्या कदम उठाते हैं।
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