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आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच अब आगे बढ़ रही है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान भी दर्ज कर लिया है. करीब 8 से 10 घंटे की पूछताछ के बाद डूला ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया और कहा कि उन्होंने संस्थान के नियमों के मुताबिक ही काम किया था. जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों से भी उन्होंने इनकार किया है.
कैंपस मेंही दर्ज हुआ बयान
बता दें कि प्रोफेसर डूला से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ आईआईटी बॉम्बे के पवई कैंपस में ही किया है. यह पूछताछ साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े मामले में जांच का अहम हिस्सा है. इससे पहले क्राइम ब्रांच करीब 40 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी थी, जिनमें साहिल के माता-पिता, छात्र, आईआईटी के कर्मचारी और हॉस्टल स्टाफ शामिल हैं. पुलिस ने साहिल के दो मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि आईआईटी बॉम्बे के दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर 2026 को मौत हो गई थी. जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि उसी दिन उन्हें मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए भी पकड़ा गया था. परीक्षा हॉल में उस समय प्रोफेसर डूला भी मौजूद थे. बाद में साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए. घटना के बाद साहिल के परिवार ने प्रोफेसर डूला पर कई गंभीर आरोप लगाए. परिवार का कहना है कि साहिल ने उन्हें बताया था कि उसके साथ जाति के आधार पर भेदभाव और कथित जातिसूचक टिप्पणियां की जा रही थीं.
पूछताछ में डूला ने क्या कहा?
हालांकि, उस समय से ही जांच जारी है और अब कैंपस में ही प्रोफेसर डूला से पूछताछ की गई है. पूछताछ में प्रोफेसर डूला ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि उन्होंने संस्थान के नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया थाय उन्होंने जातिसूचक टिप्पणी करने या साहिल को इस तरह से परेशान करने से भी इनकार किया है. हालांकि, आईआईटी बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला को उनके पद से भी हटा दिया था.
जांच में अब तक क्या हुआ?
मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले में छात्रों, परिवार, शिक्षकों और संस्थान के कर्मचारियों समेत करीब 40 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है. इसके अलावा साहिल के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है. पुलिस परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं, साहिल और प्रोफेसर डूला के बीच बातचीत तथा उनकी मौत से पहले की परिस्थितियों को जोड़कर देख रही है.
आईआईटी बॉम्बे ने भी मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का बी गठन किया है. वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी 24 सितंबर को संस्थान का दौरा कर मामले में लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों को लेकर जांच की और संबंधित सबूत सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे.
अभी क्या साफ है?
फिलहाल इतना साफ है कि साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रोफेसर डूला के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं और पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है. डूला ने आरोपों से इनकार किया है. पुलिस अभी गवाहों के बयान, CCTV फुटेज और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है.
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