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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रह गया है. यह सुशासन का बड़ा माध्यम बन चुका है. इसी दौरान उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का भी जिक्र किया.
पीएम ने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचे हैं. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस वजह से जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो चुकी है, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?
‘5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे’
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल व्यवस्था से सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल से जुड़े बैंक खातों के जरिए लोगों तक सरकारी सहायता पहुंची है. इससे व्यवस्था में होने वाली लीकेज को रोकने में मदद मिली है.
उन्होंने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में पहुंचे. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई. पीएम ने कहा कि यह कोई छोटी रकम नहीं है. उनके मुताबिक, यह पैसा गलत हाथों में जाने से बचा है.
#WATCH | Delhi | At the 10th edition of India Mobile Congress, PM Modi says, “Today, hundreds of government services are available on mobile phones. Government assistance now goes directly into the beneficiaries’ accounts. Through Direct Benefit Transfer, a sum of 50 lakh crore rupees reached the bank accounts linked to the beneficiaries’ mobile phones. This resulted in a saving of about 5 lakh crore rupees. This is no small figure; five lakh crore rupees were prevented from falling into the wrong hands. Now tell me, will those whose unearned income has stopped love Modi? Did I do the right thing or not? Should all these malpractices be stopped or not? No matter how much they shout or scream…I am determined to see this through; I will get it done.”
पीएम मोदी ने इसी बात को लेकर सवालिया अंदाज में कहा कि जिन लोगों की बिना मेहनत की कमाई बंद हो गई है, वे मोदी से प्यार करेंगे क्या? उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने सही काम किया या नहीं. पीएम ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जाना चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचना के बावजूद वह इस काम को जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि वह इसे पूरा करके रहेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 से 12 साल में मोबाइल फोन की भूमिका काफी बदल गई है. अब यह सिर्फ बातचीत करने का साधन नहीं है. मोबाइल के जरिए सरकारी सेवाएं भी लोगों तक पहुंच रही हैं. उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं. लोगों को कई कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. डिजिटल व्यवस्था ने सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का तरीका बदला है.
डीपफेक और साइबर सुरक्षा पर भी की बात
प्रधानमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने डेटा की सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया. उन्होंने डीपफेक जैसी तकनीक से पैदा होने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया. पीएम ने कहा कि डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ढांचे की जरूरत है. उन्होंने डेटा और डिजिटल सुरक्षा को लेकर देशों के बीच सहयोग की जरूरत बताई.
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पीएम मोदी ने भारत के गेमिंग इकोसिस्टम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इसमें छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं की भी बड़ी भूमिका है.
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा देश और विदेश के कई उद्योगपति और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग शामिल हुए.
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