इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है।
आधिकारिक टिकटों की बिक्री के दौरान मांग इतनी ज्यादा रही कि टिकट बिक्री शुरू होने के महज 113 मिनट में टिकट बिक गए। अब जिन फैंस को टिकट नहीं मिल सके, वे ऑनलाइन वेबसाइटों और सोशल मीडिया पेजों पर टिकट तलाश रहे हैं।
इसी बीच कई प्लेटफॉर्म पर टिकट बेचने के दावे सामने आ रहे हैं। कहीं टिकट की कीमत डॉलर में बताई जा रही है, तो कहीं सोशल मीडिया पर ₹5 हजार से ₹7 हजार तक में टिकट उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
दैनिक भास्कर ने ऐसी कई वेबसाइट की पड़ताल की। जिसमें पता चला कि इन टिकट को घर तक पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए टैक्स भी लिया जा रहा है।
Ticombo पर डॉलर में टिकट, Viagogo पर 2 टिकटों के लिए 9,953
ऑनलाइन टिकट बेचने का दावा करने वाली Ticombo वेबसाइट पर भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए अलग-अलग स्टैंड की टिकटें डॉलर में लिस्ट दिखाई गईं।
पड़ताल में पता चला कि वेस्ट गैलरी की टिकट 65 डॉलर, अपर स्टैंड की टिकट 105 डॉलर और लोअर स्टैंड की टिकट 106 डॉलर में बेची जा रही है।
इसी तरह Viagogo वेबसाइट पर टिकट बुक करने की कोशिश के दौरान ईस्ट लोअर सेक्शन की दो टिकटों की कुल कीमत ₹9,953 दिखाई गई। इसमें ₹1,466 डिलीवरी चार्ज और ₹264 टैक्स शामिल बताए गए।
हालांकि, इन वेबसाइटों पर दिखाई गई कीमतें उनकी लिस्टिंग और बुकिंग स्क्रीन से संबंधित हैं। इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि टिकट की वैधता, उपलब्धता या डिलीवरी की गारंटी है।
StubHub नाम की वेबसाइट पर भी मैच की टिकटें उपलब्ध होने के दावे सामने आए हैं। ऐसे में सवाल है कि आधिकारिक बिक्री बंद होने के बाद इन प्लेटफॉर्म पर टिकटें किस स्रोत से आ रही हैं और खरीदार को असली टिकट मिलने की कितनी गारंटी है।
इंस्टाग्राम पर 5 से ₹7 हजार में टिकट देने का दाव
इंदौर के ‘Everything in Indore’ नाम के Instagram पेज पर भी मैच की टिकटें बेचने का दावा किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पेज पर सेकंड फ्लोर की टिकट ₹5 हजार और फर्स्ट फ्लोर की टिकट ₹7 हजार में देने की बात कही गई। कुछ युवाओं ने इस पेज से संपर्क भी किया।
बताया गया कि टिकट के लिए संपर्क करने वालों को रात करीब एक बजे बुलाया जा रहा था। दैनिक भास्कर ने पेज पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया।
फेसबुक पर ₹500 में टिकट, कीमतों में अंतर से सवाल
फेसबुक पर ‘Traders Den’ नाम के पेज से भी 500 रुपए में टिकट बेचने का दावा किया जा रहा है। यह कीमत सामान्य श्रेणी की आधिकारिक टिकटों की शुरुआती दर से कम है।
MPCA की घोषित सामान्य टिकट दरें ₹1,000 से शुरू होती हैं। ऐसे में ₹500 में सामान्य टिकट देने के दावे की पुष्टि करना जरूरी है। खरीदार को टिकट का वास्तविक स्टैंड, श्रेणी, वैधता और मूल बुकिंग प्रमाण देखे बिना भुगतान नहीं करना चाहिए।
लोगों को टिकट नहीं मिले, इन प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं?
हर बड़े क्रिकेट मुकाबले में टिकटों की मांग अधिक रहती है। इस मैच के लिए भी बड़ी संख्या में दर्शकों ने बुकिंग की कोशिश की, लेकिन आधिकारिक बिक्री सीमित समय में समाप्त हो गई। इसके बाद ऑनलाइन रीसेल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर टिकटों के दावे सामने आना इस पूरे मामले का अहम पहलू है।
सवाल यह है कि इन लिस्टिंग में दिखाई जा रही टिकटें वास्तविक खरीदारों की अतिरिक्त टिकटें हैं, किसी रीसेल व्यवस्था का हिस्सा हैं या इनके स्रोत की जांच की जरूरत है। केवल ऑनलाइन लिस्टिंग देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि टिकट अवैध तरीके से हासिल की गई है।
टिकटों की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उसकी जांच जरूरी है। इसके लिए टिकट बुकिंग के रिकॉर्ड, मूल खरीदार की जानकारी और टिकट जारी करने की प्रक्रिया की पड़ताल अहम हो सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
MPCA ने इस मुकाबले के लिए District by Zomato को आधिकारिक ऑनलाइन टिकटिंग एजेंसी नियुक्त किया था। आधिकारिक जानकारी के लिए दर्शक MPCA की वेबसाइट और District की वेबसाइट देख सकते हैं। हालाकि मामले में एमपीसीए द्वारा जो वेबसाइच टिकिट बेचने का दावा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। ना ही इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
एडिशनल डीसीपी बोले- पश्चिम बंगाल से जुड़े नंबर आए सामने
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि जब भी इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय मैच होते हैं, तो कुछ लोग इसका फायदा उठाकर टिकट बेचने के नाम पर फर्जी वेबसाइटें, प्रोफाइल और सोशल मीडिया पेज बना लेते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई फर्जी पेज सामने आए हैं।
हमने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ मोबाइल नंबरों की पहचान भी की है। शुरुआती जांच में कोलकाता और पश्चिम बंगाल से जुड़े नंबर सामने आए हैं। अब तक 22 प्लेटफॉर्म के संबंध में मेटा को पत्र लिखकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, इन फर्जी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे संपर्क नंबरों को ब्लॉक कराने के लिए भी संबंधित प्लेटफॉर्म को लिखा गया है।
आमतौर पर ऐसे ठग पहले 20 से 25 प्रतिशत तक अग्रिम राशि की मांग करते हैं। इसके बाद वे दावा करते हैं कि टिकट ई-मेल के माध्यम से भेज दिया जाएगा या व्हाट्सऐप पर लिंक उपलब्ध करा दी जाएगी। लेकिन कई मामलों में यह धोखाधड़ी का तरीका होता है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अज्ञात स्रोत से APK फाइल डाउनलोड न करें। टिकट बेचने के नाम पर ठग सोशल मीडिया के माध्यम से आपको लिंक, APK फाइल या क्यूआर कोड भेज सकते हैं।
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