केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को 'भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत' कार्यक्रम में शामिल होंगे।
भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
केंद्रीय मंत्री और दिल्ली सीएम भिक्षावृत्ति मुक्त कार्यक्रम में।
दिल्ली में ‘भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत’ पर होगी चर्चा।
SMILE योजना से 2031 तक 100 शहर भिक्षा-मुक्त।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजधानी को भीख मांगने की समस्या से मुक्त बनाने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
‘भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत – एडवांसिंग टुवर्ड्स अ भिक्षा वृत्ति मुक्त दिल्ली’ (भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत – भिक्षा वृत्ति मुक्त दिल्ली की ओर बढ़ना) नाम का यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के सहयोग से यहां डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यक्रम ‘भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत’ के विजन के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, लागू करने वाली एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों और लाभार्थियों के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे। वे बेहतरीन तौर-तरीके साझा करेंगे, लागू करने के अनुभवों पर चर्चा करेंगे और भीख मांगने वाले लोगों के स्थायी पुनर्वास और समाज में फिर से शामिल करने के लिए आगे की राह तलाशेंगे।
मंत्रालय ‘सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज (SMILE)-बेगरी स्कीम’ (आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए सहायता – भिक्षावृत्ति योजना) लागू कर रहा है। इसका मकसद भीख मांगने वाले लोगों का व्यापक पुनर्वास, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और समाज में फिर से शामिल करना है।
मंत्रालय ने बताया कि यह योजना अभी 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 216 शहरों में लागू की जा रही है। इसके तहत 45,073 लोगों की पहचान की गई है और उनमें से 13,134 लोगों को पुनर्वास सहायता दी जा रही है।
मंत्रालय ने कहा कि यह योजना एक समग्र, पुनर्वास-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाती है। यह केवल लोगों को सड़कों से हटाने से कहीं आगे बढ़कर उन बुनियादी समस्याओं को हल करने का प्रयास करती है जिनकी वजह से लोग भीख मांगने को मजबूर होते हैं।
2021-22 में इस स्कीम के पायलट फेज के दौरान चुने गए सात शहरों में दिल्ली भी शामिल थी। मंत्रालय ने बताया कि अब यह राष्ट्रीय राजधानी के सभी 14 जिलों में लागू है।
बुधवार के कार्यक्रम के दौरान, इस स्कीम के तहत पहचाने गए और मदद पाने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें आत्मनिर्भरता और टिकाऊ आजीविका की ओर बढ़ने में मदद के लिए स्किल-बिल्डिंग और पुनर्वास किट दी जाएंगी। 2026-31 के लिए SMILE-बेगरी स्कीम के तहत, केंद्र सरकार ने 2031 तक 100 शहरों को भीख-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
मंत्रालय ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने और भीख मांगने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों, जिला प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदायों के आपसी तालमेल और लगातार प्रयासों की जरूरत होगी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)