Yuvraj Singh
Date: 13-10-26 15:45
हवाई सफर के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होने की चिंता से बचने के लिए कई लोग अपने साथ पावर बैंक रखते हैं. हालांकि, पावर बैंक ले जाने से जुड़े कुछ नियम हैं, जिनकी अनदेखी करना परेशानी का कारण बन सकता है. हाल ही में इंडिगो की एक फ्लाइट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद विमान को दूसरे एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा. इस घटना ने हवाई यात्रा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर ध्यान खींचा है. ऐसे में फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने से पहले कुछ जरूरी नियमों को जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.
पावर बैंक में आग लगने का खतरा क्यों रहता है?
पावर बैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है. बैटरी खराब होने, उसमें शॉर्ट सर्किट होने या जरूरत से ज्यादा गर्म होने पर आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है. ऐसी स्थिति को थर्मल रनअवे कहा जाता है, जिसमें बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. इससे धुआं, आग और हानिकारक गैसें निकल सकती हैं. इसलिए हवाई यात्रा के दौरान पावर बैंक और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है.
1. चेक-इन बैग में न रखें पावर बैंक
फ्लाइट में पावर बैंक ले जाते समय सबसे जरूरी बात यह है कि उसे चेक-इन बैगेज में न रखें. इसे अपने केबिन बैगेज में रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर केबिन क्रू उस पर तुरंत ध्यान दे सके. अगर बोर्डिंग के दौरान आपका केबिन बैग विमान के कार्गो हिस्से में भेजा जा रहा है, तो पावर बैंक को उसमें से निकालना न भूलें. इसके अलावा, एयरलाइन के निर्देशों के मुताबिक इसे ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ने पर आप इसे आसानी से देख सकें और इस्तेमाल कर सकें.
2. फ्लाइट में पावर बैंक से फोन चार्ज करने से बचें
पावर बैंक को विमान में ले जाने की अनुमति होने का मतलब यह नहीं है कि उड़ान के दौरान उससे मोबाइल या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज भी किए जा सकते हैं. एयरलाइंस के नियम इस मामले में अलग हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, इंडिगो की बताई गई बैगेज पॉलिसी के अनुसार, विमान में पावर बैंक से दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज करने की अनुमति नहीं है. इसलिए यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन के मौजूदा दिशा-निर्देश जरूर जांच लें.
3. खराब या फूला हुआ पावर बैंक साथ न ले जाएं
अगर आपके पावर बैंक की बॉडी फूल गई है, उसमें दरार आ गई है या गिरने के कारण वह क्षतिग्रस्त हो गया है, तो उसे फ्लाइट में ले जाने से बचें. चार्जिंग के दौरान जरूरत से ज्यादा गर्म होना, जलने जैसी गंध आना या असामान्य आवाज सुनाई देना भी बैटरी में खराबी के संकेत हो सकते हैं. ऐसे पावर बैंक का इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है. बेहतर है कि हवाई यात्रा के लिए सही स्थिति में मौजूद पावर बैंक ही चुनें.
4. बैटरी की क्षमता से जुड़े नियम समझें
फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने के लिए उसकी बैटरी क्षमता का ध्यान रखना भी जरूरी है. आमतौर पर 100 वॉट-ऑवर (Wh) तक की बैटरी वाले पावर बैंक को केबिन बैगेज में ले जाने की अनुमति होती है. वहीं, 100 से 160 वॉट-ऑवर के बीच की क्षमता वाले पावर बैंक के लिए एयरलाइन की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है. 160 वॉट-ऑवर से अधिक क्षमता वाली बैटरियों को सामान्य यात्री विमानों में ले जाने पर प्रतिबंध होता है. हालांकि, नियम एयरलाइन और लागू सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग हो सकते हैं. इसलिए टिकट बुक करने के बाद या यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से इसकी पुष्टि कर लें.
5. डिवाइस से धुआं निकले तो तुरंत क्रू को बताएं
अगर फ्लाइट के दौरान पावर बैंक, मोबाइल या लैपटॉप असामान्य रूप से गर्म होने लगे या उससे धुआं निकलता दिखाई दे, तो तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी दें. ऐसी स्थिति में खुद डिवाइस खोलने या बैटरी को संभालने की कोशिश न करें. अगर फोन सीट में फंस गया है और उसमें गर्मी या धुएं के संकेत दिख रहे हैं, तो उसे निकालने के लिए सीट को हिलाने से भी बचें. केबिन क्रू को स्थिति संभालने दें और उनके निर्देशों का पालन करें.
हवाई यात्रा में पावर बैंक उपयोगी जरूर है, लेकिन इसे साथ ले जाने से पहले सुरक्षा नियमों को समझना भी उतना ही जरूरी है. सही क्षमता वाला पावर बैंक चुनने, उसे उचित बैगेज में रखने और खराब बैटरी से बचने जैसी सावधानियां जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं.
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