Kanya Pujan 2026: घर पर कैसे करें कंजक पूजा? चरण धोने से लेकर भोग और दक्षिणा तक… जानें पूरी विधि – Bharat24live

Yuvraj Singh
Date: 17-10-26 19:47
Kanya Pujan 2026: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के बाद कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका स्वागत किया जाता है और भोजन कराकर आशीर्वाद लिया जाता है. साल 2026 में महाष्टमी और महानवमी से जुड़ी तिथियों को लेकर भी लोगों के मन में सवाल हैं. ऐसे में अगर आप घर पर कंजक पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा की सही परंपरा और जरूरी नियमों को जानना आपके लिए उपयोगी होगा. 
नौ कन्याओं के साथ बालक को क्यों बुलाते हैं?
नवरात्रि के दौरान प्रचलित परंपरा के अनुसार, कन्या पूजन के लिए नौ कन्याओं को आमंत्रित किया जाता है. इन्हें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है. कई परिवारों में इनके साथ एक छोटे बालक को भी भोजन कराया जाता है, जिसे बटुक भैरव या लांगुर का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कन्याओं का आदर-सत्कार करने और उन्हें भोजन कराने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस परंपरा में श्रद्धा के साथ-साथ बच्चियों का सम्मान और उनकी सहजता का ध्यान रखना भी जरूरी है. 
घर पर कंजक पूजा की शुरुआत कैसे करें?
कन्या पूजन के लिए सबसे पहले घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई कर लें. इसके बाद कन्याओं और बालक को आदरपूर्वक घर बुलाकर साफ आसन पर बैठाएं. परंपरा के अनुसार, उनके चरण स्वच्छ जल से धोए जाते हैं और फिर साफ कपड़े से पोंछे जाते हैं. इसके बाद माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाकर मौली बांधी जा सकती है. पूजा के दौरान बच्चों के साथ प्रेम और सम्मान से पेश आएं और उनकी सहमति व सहजता का ध्यान रखें. यही कन्या पूजन की मुख्य भावना मानी जाती है. 
हलवा-पूरी और काले चने का लगाएं भोग
कन्या पूजन में भोजन का भी विशेष महत्व होता है. इस अवसर पर घरों में आमतौर पर हलवा, पूरी और काले चने तैयार किए जाते हैं. पूजा के बाद कन्याओं और बालक को श्रद्धापूर्वक भोजन परोसा जाता है. भोजन साफ-सुथरे तरीके से तैयार करें और बच्चों की पसंद या किसी खाद्य संबंधी जरूरत का भी ध्यान रखें. भोजन के बाद परिवार के सदस्य कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं. इसके बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा, उपहार या अन्य उपयोगी वस्तुएं देकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है.
कन्या पूजन में किन बातों का रखें ध्यान?
कंजक पूजा करते समय सबसे जरूरी है कि पूरी प्रक्रिया श्रद्धा और सम्मान के साथ संपन्न हो. बच्चों को भोजन कराने या पूजा में शामिल करने के दौरान किसी तरह की जल्दबाजी या असहजता पैदा न करें. धार्मिक परंपराओं में अष्टमी और नवमी दोनों दिन कन्या पूजन का विधान मिलता है, इसलिए पूजा का समय तय करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और मुहूर्त देख लें. साल 2026 में महाष्टमी और महानवमी का संयोग 19 अक्टूबर को बन रहा है, जबकि विजयादशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी. सही तिथि की जानकारी लेकर पूजा करने से आप नवरात्रि के इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान को व्यवस्थित तरीके से पूरा कर सकते हैं. 
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. भारत 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News