नई दिल्ली, एजेंसी। अखबार के कागज के निर्माताओं के संगठन ‘इंडियन न्यूजप्रिंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन’ (आईएनएमए) ने कोयले की आपूर्ति में बाधाओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। आईएनएमए ने कहा कि कोयले की अनियमित आपूर्ति और कम आवंटन से घरेलू उत्पादन प्रभावित हो रहा है और प्रिंट मीडिया उद्योग को समाचारपत्र के कागज की आपूर्ति बाधित होने का खतरा है। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में एसोसिएशन ने कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनियों के साथ मौजूदा ईंधन आपूर्ति समझौतों (एफएसए) के तहत कोयले की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
आईएनएमए के अनुसार, उसके सदस्य प्रमुख समाचारपत्र समूहों को कागज की आपूर्ति करते हैं। एसोसिएशन ने कहा कि कोयले की कमी के कारण मिलों को खुले बाजार से ऊंची कीमतों पर कोयला खरीदना पड़ रहा है। संयंत्रों को चालू रखने के लिए उन्हें अपेक्षाकृत महंगी दरों पर ग्रिड से बिजली भी लेनी पड़ रही है।आईएनएमए ने चेतावनी दी है कि आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण निर्माता अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं। इससे उत्पादन में कटौती, घरेलू बाजार में आपूर्ति बाधित होने और प्रिंट मीडिया की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर वित्तीय दबाव बढ़ने का जोखिम है। एसोसिएशन ने सरकार से मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की सिफारिश के अनुरूप बिजली और गैर-बिजली क्षेत्रों के बीच कोयला आवंटन का 75:25 अनुपात लागू कराने की भी मांग की है। आईएनएमए के अनुसार, 95 प्रतिशत से अधिक कोयले की आपूर्ति बिजली संयंत्रों को की जा रही है। इससे गैर-विनियमित क्षेत्र (एनआरएस) के उपभोक्ताओं, जिनमें समाचारपत्र कागज निर्माता भी शामिल हैं, को अनुबंध होने के बावजूद पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है।
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